भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, आयोग के अफसर घिरे

प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक कालेजों की 10768 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर आयोग अफसर भी घिर रहे हैं। एसटीएफ सिर्फ पेपर लीक मामले की जांच कर रही हैं लेकिन, अन्य खामियों के लिए यहां के अधिकारी सीधे जिम्मेदार हैं। वह अभ्यर्थियों के गंभीर आरोपों से लगातार बचते आ रहे हैं और अब तक उनके संबंध में किसी तरह की जांच भी नहीं हुई है।

उप्र लोकसेवा आयोग अहम परीक्षाओं में केंद्रों का चयन सही से नहीं कर रहा है। पीसीएस जैसी परीक्षा के केंद्र ऐसी जगहों पर बनाए जा चुके हैं, जहां आम अभ्यर्थी का पहुंचना मुश्किल हो। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में केंद्र चयन में तमाम गड़बड़ियां हुई थी। कई जिलों के केंद्रों को परीक्षा के कुछ दिन बदला गया था। यही नहीं एक ही विषय के अभ्यर्थियों को कुछ जिलों के तय केंद्र आवंटित हुए थे, इससे भी परीक्षा का मखौल उड़ा। पूरी परीक्षा एक ही पाली में कराने से दो विषय के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी दूसरे विषय का इम्तिहान नहीं दे सके। आयोग ने परीक्षा कार्यक्रम जारी करने से पहले इस पर विचार ही नहीं किया कि दो विषय वाले कैसे परीक्षा देंगे?

उसी समय अभ्यर्थियों ने आंदोलन प्रदर्शन किया था लेकिन, अफसरों का उसका वाजिब जवाब ही नहीं दिया। उसके बाद परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी करने से भी किनारा कर लिया गया, तर्क दिया गया कि जिस भर्ती में एक परीक्षा से चयन होना हो उसमें उत्तर कुंजी जारी करना उचित नहीं।

वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की भर्ती में 68500 और फिर 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में भी एक परीक्षा से ही चयन होना है और दोनों में उत्तर कुंजी जारी हुई है। प्रतियोगी अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग को रिजल्ट देने से पहले गड़बड़ी के गंभीर आरोपों पर सफाई देनी चाहिए कि आखिर अभ्यर्थियों की अनदेखी क्यों हो रही है। अनिल सिंह का कहना है कि नए अध्यक्ष इन मामलों की जांच करा दें तो साफ हो जाएगा कि गड़बड़ी कौन करा रहा है।

प्रतियोगी छात्रओं की समस्याएं सुनते लोकसेवा आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ’ जागरण

दो विषयों में आवेदन करने वाले सिर्फ एक विषय का दे सके इम्तिहान केंद्र चयन व अनुक्रमांक आवंटन में भी बड़ा घालमेल, जांच की मांग

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