यूपी के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय 15 फरवरी से पूरी तरह खुल जाएंगे

यूपी के उच्च शिक्षा विभाग के अधीन संचालित सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय 15 फरवरी से पूरी तरह खुल जाएंगे। इस दौरान सभी शिक्षकों व छात्र-छात्राओं के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही कक्षाओं में छात्रों को छह फीट की दूरी पर बैठाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।

सेनेटाजर व थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करनी होगी

उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अब्दुल समद ने शुक्रवार को इस संबंध में प्रदेश के सभी निजी व राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और निदेशक उच्च शिक्षा को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि 17 नवंबर 2020 के शासनादेश को शिथिल करते हुए सभी शिक्षण संस्थाओं को 15 फरवरी से पूर्णरूपेण खोलने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षण संस्थानों को खोलने से पहले उन्हें पूरी तरह सेनेटाइज कराना होगा। संस्थानों में सेनेटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी करनी होगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या कर्मचारी को खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण हों तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाए। छात्रों या स्टाफ में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराई जाए और परिणाम का अभिलेखीकरण किया जाए।

नामित किए जाएंगे नोडल अधिकारी

शासन ने कहा है कि शिक्षण संस्थान में किसी भी बाहरी विक्रेता को परिसर के भीतर या प्रवेश द्वार पर कोई भी खाने की चीज बेचने की अनुमति न दी जाए। विभिन्न स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए रोटेशन के आधार पर शिक्षकों व जागरूक छात्रों की ड्यूटी भी लगाई जाए।

छात्रावास परिसर, रसोई, डायनिंग हॉल, बाथरूम और शौचालयों में सेनेटाइजेशन एवं सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शासन ने निदेशक उच्च शिक्षा से कहा है कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। नोडल अधिकारी नियमित रूप से शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे।

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