12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षा के पैटर्न में यूपी बोर्ड में बदलाव, दो खंडों में होगी परीक्षा

यूपी बोर्ड की 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षा के प्रैक्टिकल का पैटर्न अब बदल गया है। इसके तहत फिजिक्स में 15 की जगह छोटे-छोटे 20 प्रयोग होंगे। पहले यह प्रैक्टिकल लंबे और ऊबाऊ होते थे, जिन्हें अब सरल कर दिया गया है। फिजिक्स को दो खंडों में बांटा गया है। वहीं, रसायन विज्ञान में एक क्षारीय मूलक की ही पहचान करनी होगी। इसके अलावा जीव विज्ञान में जनन और आनुवांशिकी पर आधारित प्रयोग को शामिल किया गया है।

ये बदलाव भी

मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि अब प्रयोगात्मक परीक्षा को पहले से काफी सरल कर दिया गया है। फिजिक्स में धारामापी और जेनर डायोड का प्रायोगिक ज्ञान भी शामिल किया गया है। वहीं, बायोलॉजी में डीएनए टेस्ट के साथ ही जड़, तना, और पुष्पीय पौधों के अलावा पराग अनुकरण भी रहेगा। रसायन विज्ञान में अनुमापन वाले डबल ट्राइटेशन को अब सिंगल कर दिया गया है। मानक विलयन तैयार कर माध्यमिक विलयन के रूप में प्रयोग किए जाने वाले पोटेशियम पैरामैगनेट के रूप में माध्यमिक विलयन की सांद्रता ही ज्ञात करके बतानी होगी।

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रसायन विज्ञान

  • अनुमापन प्रयोग में सदैव स्वयं की निकाली गई रीडिंग उत्तर पुस्तिका में लिखें और गणना करें
  • सांद्रता निकालने में अज्ञात व माध्यमिक विलयन के रूप में पोटेशियम पैरामैगनेट विलयन का ही प्रयोग करें
  • अम्लीय या भाष्मिक मूलकों में अब सिर्फ एक मूलक की ही पहचान करनी होगी
  • कार्बनिक यौगिकों में वही कार्बनिक यौगिक दिए जाएंगे, जो आपकी लैब में पूर्व से रखें हों

भौतिक विज्ञान

  • ऊष्मा व विद्युत के प्रयोगों में विशेष सावधानी बरतें। नंगे तारों व क्षतिग्रस्त उपकरण पर ध्यान दें
  • प्रेक्षण लेते समय आंख की स्थिति, उपकरण के अल्पतांक और शुद्धता का ध्यान रखें
  • आवंटित प्रयोग का सिद्धांत प्रयोग विधि एवं आवश्यक उपकरणों का ध्यान रखें
  • प्रयोग संबंधी सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए। प्रयोग के बाद सभी उपकरणों को व्यवस्थित रख दें

जीव विज्ञान

  • डीएनए निष्कर्षण के अंतिम चरण में एब्सल्यूट एल्कोहल डालने के वक्त परखनली को हिलाना नहीं है क्योंकि इससे एल्कोहल नली की परत में आ जाएगा। हिलाने से डीएनए डिजॉल्व हो जाता है
  • अभिकर्मकों को बनाने की विधियों का पूर्व में ठीक से अध्ययन कर लें
  • स्पॉटिंग के चित्र यथार्थ होने चाहिए अन्यथा नकल का आभास होगा। सभी स्पॉट के पहचान के लक्षण अवश्य लिखें
  • अंकुरण की स्लाइड बनाते समय परागकण अंकुरण के बाद दो या तीन कोशिकीय बनाएं

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