बेसिक शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा पास करने पर मिलेगा प्रमाणपत्र

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए पहली बार आयोजित की जा रही लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र संबंधित प्रभाग मुख्यालय के जिला शैक्षिक और प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से जारी किया जाएगा। लिखित परीक्षा के आयोजन के बारे में बुनियादी शिक्षा के लिए शासन ने प्रस्ताव भेजा है। तीन घंटे की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को 150 अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नपत्र अंग्रेजी व हिंदी भाषा में होगा, लेकिन अंग्रेजी विषय को छोड़कर अभ्यर्थियों को बाकी विषयों के प्रश्नों के उत्तर हिंदी में देने होंगे। परीक्षा 150 अंकों की होगी जिसमें से 67 यानी 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण माना जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति / जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्ह अंक 40 प्रतिशत यानी 60 अंक होंगे। लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया जाएगा। ऑनलाइन में की गई स्थितियों को सुधारने के लिए अभ्यर्थियों को एक मौका दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र परीक्षा से दस दिन पहले वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। अभयर्थी खुद उन्हें डाउनलोड करेंगे। परीक्षा मंडल मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा। परीक्षा को शुचितापूर्वक संपन्न कराने के लिए मंडल मुख्यालय वाले जिले के जिलाधिकारी की घोषणा में कमेटी गठित की जाएगी।

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आधार कार्ड जरूरी : परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र पर वेबसाइट के माध्यम से डाउनलोड किए गए प्रवेश पत्र के साथ अपने ऑनलाइन आवेदन में अंकित आधार कार्ड की मूल प्रति और प्रक्षिक्षण योग्यता का प्रमाणपत्र / अंतिम सेमेस्टर के अंकपत्र की मूल प्रति / उप्र या केंद्रीय शिक्षक पात्रता है। परीक्षण का प्रमाणपत्र में से किसी एक प्रमाणपत्र को साथ लाना अनिवार्य होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 1600 व 400 रुपये परीक्षा शुल्क होगा: शिक्षक भर्ती परीक्षा में सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 600 रुपये रखने का प्रस्ताव है। वहीं अनुसूचित जाति / जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 400 रुपये प्रस्तावित है। विकलांग अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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