पड़ताल को पहुंची टीम ने खंगाले दस्तावेज, अपर निजी सचिव परीक्षा से जुड़े कागजात देखे

प्रयागराज: सीबीआइ की सुस्त कार्यप्रणाली का मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद स्थिति बदल गई है। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPSC) की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रही सीबीआइ ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआइ की तीन सदस्यीय टीम रविवार को यूपीपीएससी पहुंची। वहां अपर निजी सचिव 2010 की परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। परीक्षा से जुड़ी फाइलें व कापियों को देखा। साथ ही प्रश्न व उत्तरों का मिलान करके देखा कि कहां नंबर कम और ज्यादा किए गए हैं। साथ ही गो¨वदपुर स्थित कैंप कार्यालय में लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया।

सीबीआइ के कैंप कार्यालय पर अपर निजी सचिव 2010 की परीक्षा कराने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की गई। साथ ही भर्ती परीक्षा में धांधली की शिकायत करने वालों को भी कैंप कार्यालय पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीबीआइ की कार्रवाई सोमवार को भी जारी रहने की उम्मीद है। सीबीआइ यूपीपीएससी द्वारा वर्ष 2012 से 2016 तक कराई गई सभी परीक्षाओं व जारी किए गए परिणामों की जांच कर रही है। इसमें तकरीबन 550 से अधिक भर्ती परीक्षाओं व परिणामों की जांच होनी है। मई 2018 में अज्ञात के नाम एफआइआर दर्ज करने के बाद जांच की प्रक्रिया धीमी होती गई। सीबीआइ की टीम समय-समय पर यूपीपीएससी आती रही। इसके पहले 25 जून को सीबीआइ आयी थी। दो जुलाई तक कई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच करके जरूरी दस्तावेज लेकर लौटी थी, लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। इस पर प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय ने समयबद्ध जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। इसके बाद सीबीआइ की सक्रियता बढ़ गई है।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : अर्थ एवं संख्या प्रभाग राज्य नियोजन संस्थान में सहायक सांख्यिकी अधिकारी 2014-15 के इंटरव्यू प्रक्रिया से वंचित किए गए अभ्यर्थी सीबीआइ की शरण में जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने अंक पत्र, डिप्लोमा सर्टिफिकेट व अन्य प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी का हवाला देकर 793 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू से बाहर कर दिया था। आयोग की इस प्रक्रिया से अभ्यर्थियों में असंतोष है। वह हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के साथ आयोग की परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआइ को सोमवार को दस्तावेज देकर पूरी भर्ती की जांच करने की मांग करेंगे। सहायक सांख्यिकी अधिकारी 373 पदों की लिखित परीक्षा 11 नवंबर 2018 को हुई। तीन हजार के लगभग अभ्यर्थी शामिल हुए। परिणाम 16 मई 2019 को आया। 1133 अभ्यर्थी सफल हुए। सफल अभ्यर्थियों का अंकपत्र व प्रमाणपत्र 16 मई से तीन जून तक जमा कराया गया।

जांच के दायरे में आने वाली प्रमुख परीक्षाएं

’ सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2010,11,12,13,14,15 ’ उत्तर प्रदेश न्यायिक सिविल जज परीक्षा 2012, 2013’ अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2006, 2008, 2009, 2013 व विशेष चयन 2004, 2006, 2008 की दो परीक्षा ’ समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी 2010, 2013, 2014 ’ सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा 2007, 2008, विशेष चयन 2008’ सम्मिलित राज्य अवर अभियंत्रण परीक्षा 2006, 2008’ राजस्व निरीक्षक परीक्षा-2014 ’ अधीनस्थ कृषि सेवा वर्ग-3 -2013 ’ सहायक वन संरक्षक -2011’ खाद्य सुरक्षा अधिकारी -2014’ अपर निजी सचिव -2010 ’ सहायक अभियोजन अधिकारी – 2006, 2007, 2011’ सीधी भर्ती के तहत हुई विभिन्न विभागों में प्रवक्ता, चिकित्साधिकारी, प्राचार्य, इंजीनियर, डॉक्टरों, कुलसचिवों की नियुक्ति मामले की जांच चल रही है

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