69000 शिक्षक भर्ती से वंचित अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया को बनाया हथियार

लखनऊ। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में त्रुटियों की वजह से वंचित रह गए अभ्यर्थी ट्विटर पर गुहार लगाने के बाद अब सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो डालकर अपनी आवाज शासन तक पहुंचा रहे हैं। प्रदेश के करीब हर जिले से अभ्यर्थी वीडियो बनाकर पोस्ट डालकर नियुक्ति पत्र जल्द दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों ने बताया कि बेसिक में करीब सात हजार शिक्षक पदों पर रिक्त सीटें हैं। वहीं करीब 750 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पूर्णांक और प्राप्तांक में त्रुटि होने की वजह से नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया था। जबकि सभी अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण कर मेरिट में आ गए थे। काफी समय तक धरना देने के बाद शपथ पत्र के आधार कुछ अभ्यर्थियों को मान्य कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने बताया कि उसी शपथ पत्र के आधार पर उनको भी मान्य कर सकते हैं। जबकि जिनको मान्य किया गया है उनकी भी वहीं त्रुटियां थीं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि जब एक जैसी त्रुटियां हैं तो उनको क्यों निराश किया गया। उन्होंने मांग की है कि मूल दस्तावेज के आधार पर उनकी त्रुटियों में सुधार किया जाए। अभ्यर्थियों ने बताया कि शासन तीसरी सूची जारी करने का आश्वासन तो दे रहा है लेकिन पिछले कई महीनों से जारी नहीं किया गया। ट्विटर के जरिए अपनी मांग उठाने के बाद अब सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी परिवार समेत फोटो, वीडियो और पोस्टर जारी कर मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री से नियुक्ति पत्र दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। पीलीभीत, गोंडा, मेरठ, हाथरस, बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़, जौनपुर, कानपुर, इटावा, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर समेत अन्य जिलों से अभ्यर्थी वीडियो और पोस्टर पोस्ट कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि यदि सरकार उनके पक्ष में निर्णय नहीं लेती है तो लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपनी मांग को लेकर लखनऊ में आंदोलन करेंगे।