पीजीटी-2021 की परीक्षा के गलत उत्तरों पर अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई आपत्ति

प्रयागराज: प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी)-2021 की परीक्षा के दर्जन भर से ज्यादा विषयों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सही उत्तर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति है। विषयों के विशेषज्ञों ने भी व्यापक स्तर पर प्रश्नपत्र और उनके उत्तरों में गलतियों पर गंभीर चिंता जताई है। अर्थशास्त्र विषय के अभ्यर्थी बृजेश उपाध्याय व इसी विषय के कई अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को पांच सवालों के जवाब पर साक्ष्य के साथ आनलाइन आपत्ति चयनबोर्ड के आब्जेक्शन पोर्टल पर अपलोड किया है। उनके अनुसार एक सवाल था- ‘प्रशुल्क लगाने के फलस्वरूप होता है’? उत्तरमाला में इसका उत्तर ‘निर्यात के मूल्यों में वृद्धि’ दिया गया है, जबकि उनके मुताबिक सही जवाब है- ‘आयात के मूल्यों में वृद्धि’। एक अन्य सवाल है- ‘निम्न समंकों से प्रमाप विचलन ज्ञात कीजिए’? इसका सही जवाब उत्तरमाला में ‘आठ’ दिया गया है, जबकि उनके मुताबिक ‘दस’ है। इसी तरह ‘मांग की आड़ी कीमत लांच होती है’? सवाल का उत्तर बोर्ड ने विकल्प ‘बी’ को माना है, जबकि उन्होंने ‘ए’ को सही बताकर आपत्ति दर्ज कराई है। ‘घर्षणात्मक बेरोजगारी उत्पन्न होती है’? सवाल का जवाब उत्तरमाला में है- ‘जब कोई प्रथम बार श्रमशक्ति से जुड़ता है तो उसे काम मिलने में समय लगता है’, जबकि वह इसका जवाब बताते हैं- ‘तकनीकी परिवर्तन के परिणामस्वरूप’। लागतों में तुलनात्मक लाभ सिद्धांत के प्रतिपादक के नाम में बोर्ड ने ‘जेएस मिल’ दिया है, जबकि उनका दावा है कि ‘रिकाडरे’ हैं। मृत्युंजय सिंह ने इतिहास के गलत उत्तरों पर आपत्ति जताई है।

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