12वीं के बाद छात्र बायोटेक्नोलॉजी में बना सकते हैं अपना करियर

जबकि बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में एडमिशन कुछ संस्थानेां द्वारा मेरिट के आधार पर तो कुछ में एंट्रेंस एग्जाम से होता है। इसके बाद हायर स्टडी के लिए एमटेक या एमएससी अथवा एमबीए जैसे कोर्स किए जा सकते हैं। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी प्राप्त होती है। इस कोर्स में थ्योरी की बजाय हैंड आन प्रैक्टिस पर ज्यादा जोर दिया जाता है।

संभावनाएं:

बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स डिग्री की अपार संभावनाएं हैं। हर दिन हो रहे नए शोधों के कारण इस क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। इस क्षेत्र में रिसर्च के लिए सीएसआईआर, डीएसडी, सीडीआरआई और आईसीएमआर जैसे संस्थान एवं फार्मास्यूटिकल कंपनियां अग्रणी भूमिका में हैं। जहां बायोटेक्नोलॉजी में डिग्रीधारी युवा साइंटिस्ट व अन्य रूप में काम कर सकते हैं। बायो प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए एमबीए इन बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्सों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। देश में लगभग 800 से ज्यादा बायोटेक्नोलाजी कंपनियां कार्यरत है। जहां जॉब की अपार संभावना हैं।

रोजगार के अवसर और सैलरी:

बायोटेक्नोलॉजी कार्स करने के उपरान्त सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के अनेक विकल्प उपलब्ध है। एमएससी के बाद नेट क्वालिफाई कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका मिल सकता है। वही प्राइवेट सेक्टर की लैबोरेटरी या रिसर्च इंस्टीटयूट में रिसर्च असिस्टेंट इत्यादि के तौर पर कार्य करने का अवसर मिलता है। जहां तक वेतन की बात है, तो शुरुआती दौर में एमएससी अथवा बीटेक करने के उपरांत प्राइवेट सेक्टर में 50 से 70 हजार रुपये मासिक की नौकरी बड़े आसानी से मिल जाती है। जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता इसमें बढ़ोत्तरी होती रहती है।

प्रमुख संस्थान:

आईआईटी
अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
एनआईपीईआर, मोहाली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
फर्ग्यूसन कालेज, पुणे
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी, कोलकाता
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
मद्रास क्रिश्चियन कालेज, चेन्नई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.