लैब में सीसी कैमरे तो दूर उपकरण व शिक्षक ही नहीं

लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटर मीडिएट 2020 की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को सीसी कैमरों की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। पर राजधानी के ज़्यदातर राजकीय, वित्त विहीन और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कैमरे तो दूर प्रयोगात्मक परीक्षा से संबंधित उपकरण भी नहीं हैं। वहीं, शासन द्वारा बदले प्रारूप के अनुसार प्रयोगात्मक परीक्षा में डीएनए टेस्ट परीक्षण तक कराने के आदेश दिए हैं। विद्यालयों की लैब में उपकरण जंग खा रहे रहे हैं। इतना ही नहीं कई विद्यालयों में विज्ञान विषय के शिक्षक ही नहीं हैं। इसके कारण मजबूरी वश अन्य विषयों के शिक्षक विज्ञान पढ़ा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

यहां लैब में अव्यवस्थाएं: नक्खास स्थित एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज में केमिस्ट्री की लैब की बिल्डिंग ख़राब हो चुकी है। इसके निर्माण के लिए प्रोजेक्ट बना कर दिया गया है। यहां गणित विषय के शिक्षक विज्ञान महीनों से विज्ञान पढ़ा रहे हैं। क्वीन्स कॉलेज में भी विज्ञान विषय की लैब की हालत ठीक नहीं है। कश्मीरी मुहल्ले में स्थित म्यूनिसिपल गल्र्स इंटर कॉलेज की लैब का भी हाल यही है। यह तो बानगी मात्र है। राजधानी के बहुत से स्कूलों की लैब में व्यवस्थाएं ध्वस्त पड़ी हैं।

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प्रयोगात्मक परीक्षाओं से संबंधित ये हैं निर्देश :

  • परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सीसी कैमरे की रिकॉर्डिग में प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराएं
  • आवश्यकता पड़ने पर परिषद के निर्देश पर प्रधानाचार्य को मुहैया करानी होगी रिकॉर्डिग
  • रिकॉर्डिग को सुरक्षित रखना प्रधानाचार्य का काम है।

50 फीसद आंतरिक और 50 फीसद वाह्य परीक्षक द्वारा दिए जाएंगे अंक : विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। प्रयोगात्मक विषय से संबंधित अध्यापक द्वारा 50 फीसद अंक आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था के अंतर्गत और शेष 50 फीसद अंक वाह्य परीक्षक द्वारा परीक्षार्थी को दिए जाएंगे।

कई विद्यालयों की लैब में सीसी कैमरे नहीं हैं। परिषद के निर्देश पर सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यो को प्रयोगात्मक परीक्षा की रिकॉर्डिग कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इसकी व्यवस्था पूरी कर वह सुनिश्चित कराएंगे। प्रयोगात्मक परीक्षा से संबंधित अन्य तैयारियां भी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआइओएस

गत वर्ष की भांति होंगी 10वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाए: 10वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं गत वर्ष की भांति विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएंगी। उसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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