नई शिक्षक भर्ती निकाले जाने की मांग कर रहे डीएलएड, बीटीसी प्रशिक्षुओं की बुधवार को पुलिस से तीखी झड़प

प्रदेश सरकार से नई शिक्षक भर्ती निकाले जाने की मांग कर रहे डीएलएड, बीटीसी प्रशिक्षुओं की बुधवार को पुलिस से तीखी झड़प हुई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से कलक्ट्रेट जा रहे प्रशिक्षु अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोक ना चाहा तो धक्कामुक्की शुरू हो गई। अभ्यर्थी रुकने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर 35 अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। देर शाम उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया।

डीएलएड, बीटीसी प्रशिक्षु काफी समय से शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकाले जाने की मांग कर रहे हैं। वे बेसिक शिक्षा निदेशालय, शिक्षा मंत्री आवास, एससीईआरटी लखनऊ में प्रदर्शन कर चुके हैं। सुनवाई न होने पर बुधवार को बड़ी संख्या में प्रशिक्षु अभ्यर्थी परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर जुटे। कुछ देर तक प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थी पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट के लिए चल दिए। तत्काल इसकी सूचना पुलिस अफसरों को दी गई। अभ्यर्थियों को भीड़ बैंक रोड चौराहे पर पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

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पुलिस अफसरों ने अभ्यर्थियों से वहीं ज्ञापन देने के लिए कहा लेकिन अभ्यर्थी तैयार नहीं हुए। इस पर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। धक्कामुक्की के चलते अफरातफरी मच गई। इस पर पुलिस ने लाठी फटक कर 35 अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनके कई साथी पुलिस कार्रवाई में जख्मी भी हुए हैं। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विनोद ने बताया कि प्रदेश में एक लाख 70 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं।

डीएलएड प्रशिक्षु सरकार से अपना वादा पूरा करने और बेसिक शिक्षा में शिक्षकों की नई भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद भी सरकार प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन नहीं निकाल रही है। धरने में मुख्य रूप से विनोद पटेल, शिवम सिंह राणा, रजत सिंह ,पंकज मिश्रा, बंटी पांडे महेंद्र कुमार ,निशा दास, प्रियंका, प्रिया सिंह आदि मौजूद रहे।

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