मथुरा शिक्षक भर्ती घोटाला में दो दिन बाद भी नहीं हुई बीएसए की गिरफ्तारी

लखनऊ : मथुरा शिक्षक भर्ती घोटाला में दो दिन बाद भी एसटीएफ ने निलंबित बीएसए संजीव सिंह को गिरफ्तार नहीं किया है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि अभी बीएसए से पूछताछ की जा रही है। कई और लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जांच में जिसकी संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा दूसरे जिलों तक भी जाएगा।

आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाया गया मेरठ : एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि Mathura teacher recruitment scam में आरोपितों के खिलाफ प्रीवेंशन आफ करप्शन ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला वेस्ट यूपी का है इसलिए इसकी कोर्ट मेरठ में है। सभी 16 आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर मेरठ ले जाया गया है। एसएसपी ने बताया कि तत्कालीन बीएसए संजीव सिंह के अलावा जिन पांच और लोगों को निलम्बित किया गया है। जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके नाम विवेचना में बढ़ाए जाएंगे।

नहीं खुल सका रेकॉर्ड रूम का ताला एसटीएफ की टीम को जिला पुलिस और मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गुरुवार को मथुरा बीएसए दफ्तर के रिकॉर्ड रूम का ताला खोलकर दस्तावेज कब्जे में लेने थे। लेकिन मैजिस्ट्रेट व जिले के कप्तान प्रभाकर चौधरी के छुट्टी पर होने के चलते गुरुवार को रिकॉर्ड रूम नहीं खुल सका। इसके चलते गुरुवार को खास जांच नहीं हो पाई। शासन ने एसटीएफ से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। एसटीएफ शुक्रवार को शासन को रिपोर्ट भेजेगा।

एसटीएफ के पास दूसरे जिलों से शिकायत आनी शुरू : मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले के खुलासे के बाद एसटीएफ के अधिकारियों के पास दूसरे जिलों से भर्तियों को लेकर शिकायतें आनी शुरू हो गई हैं। एसटीएफ गोपनीय तरीके से इन शिकायतों का सत्यापन करवा रही है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि जरूरत पड़ने पर एसटीएफ जांच का दायरा बढ़ाएगी। मथुरा में ही करीब 150 पदों पर फर्जी तरीके से भर्तियां हुई हैं।

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