फर्जी शिक्षकों को बचाने के लिए शासन/निदेशालय के साथ लुकाछिपी खेल रहे बीएसए

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों और अंकपत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरियां पाने वालों को बचाने के लिए शासन/निदेशालय के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लुकाछिपी खेल रहे हैं।

मामला वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से डिग्रियां लेकर विद्यालयों में नौकरियां पाने वाले शिक्षकों से जुड़ा है। परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरियां पाने वाले शिक्षकों की जांच एसआइटी कर रही है। एसआइटी ने इस सिलसिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर उससे संबद्ध विद्यालय में पूर्व मध्यमा, उच्चतर मध्यमा, शास्त्री व शिक्षा शास्त्री (बीएड) में वर्ष 2004 से 2014 तक चयनित अध्यापकों की सूची मांगी थी। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने बीती 30 जनवरी को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वह मांगी गई सूचनाएं एसआइटी को उपलब्ध कराएं। इसके बावजूद बीएसए सूचनाएं नहीं दे रहे हैं। लिहाजा बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी बीएसए को निर्देश दिया गया है कि वे मांगी गई सूचनाएं तत्काल एसआइटी को उपलब्ध कराएं।

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