बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ही स्कूलों का निरीक्षण करते थे

  

बेसिक स्कूलों में अब दूसरे महकमे के अधिकारी भी पढ़ाई का हाल जानेंगे। अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ही स्कूलों का निरीक्षण करते थे, जिससे वास्तविकता को उजागर नहीं किया जाता था। स्कूलों की जांच को तीन तरह की टास्क फोर्स का गठन होगा। जिसमें शासन, जिला व तहसील स्तर की टास्क फोर्स होंगी। शासन की दस सदस्यीय कमेटी कभी भी स्कूलों की जांच कर सकती है। जिसमें विशेष सचिव को भी प्रदेश के हर जिले में कुछ स्कूल चेक करने हैं। जिला स्तरीय टास्क फोर्स में डीएम व सीडीओ भी हर महीने दो-दो स्कूल चेक करेंगे जबकि बीएसए को महीने में दस स्कूलों का निरीक्षण करना होगा।

कक्षा एक से आठवीं तक निरीक्षण की रूपरेखा भी शासन ने तय कर दी है। कक्षा-एक के बच्चों से हंिदूी के अक्षरों का ज्ञान, छात्र-छात्रओं के अंकों का ज्ञान, कक्षा दो से चार तक हिंदी पढ़वाना, लिखवाना व गणित में पहाड़ों व सामान्य ज्ञान है या नहीं यह भी चेक करेंगे। इसी तरह कक्षा पांच से आठवीं तक उनके विषयों से संबंधित लिखवाना व पढ़वाने के अलावा अन्य गतिविधियां चेक करेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी, DIOS, जिला कार्यक्रम अधिकारी पांच-पांच स्कूल चेक करेंगे।

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