बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा ने फर्ज़ीवाड़े के चलते 14 शिक्षकों को किया निलंबित

  

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीराम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जनपद के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 14 अध्यापकों को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है की अधिकांश अध्यापकों लापरवाही और फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने के कारण यह कार्यवाही की गई है। निलंबित हुए 1४ अध्यापकों में से चार के शैक्षिक प्रमाण पत्र और टीईटी प्रमाण पत्र फ़र्ज़ी पाए गए।

दूसरे के प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी : देबरिया जनपद के गोहरिया पनिका बाजार निवासी सुरेंद्र प्रसाद दूसरे के प्रमाण पत्र पर नौकरी करते पाए गये। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर महुआबारी पथरदेवा में प्रधानाध्यापक सुरेंद्र प्रसाद ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी। जाँच से फर्ज़ीवाड़े का पता चला। सुरेंद्र प्रसाद नाम विशिष्ट बीटीसी अध्यापक के रूप में 2010 में नियुक्ति हुए थे। वही प्राइमरी स्कूल बच्ची मांझा बेलसर में कार्यरत प्रेम प्रकाश विश्वकर्म, उच्च प्राइमरी स्कूल कुसुमाही छपिया में तैनात सुशीला प्रजापति और उच्च प्राथमिक स्कूल भवानीपुर खुर्द रुपईडीह में तैनात अर्चना पांडेय के टीईटी प्रमाण फ़र्ज़ी कूट रचित मिले। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा जिन शिक्षकों पर फर्ज़ीवाड़े करने और कूट रचित दस्तवेज के आधार पर नौकरी पाने के आरोप है। उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही होगी।

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