आरटीई पर गंभीर नहीं बेसिक शिक्षा विभाग

गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा व्यवस्था पर basic shiksha vibhag गंभीर नही है। विभाग द्वारा 25 अप्रैल को जारी पहली दाखिला सूची में न तो संशोधन किया गया, न ही दूसरी सूची जारी करने की दिशा में सार्थक कदम उठाए गए हैं। बच्चों की शिक्षा पर विभाग के ढुलमुल और लापरवाह रवैये पर अभिभावकों में आक्रोश है। अब शैक्षिक संगठन भी अभिभावकों के पक्ष में आ गए हैं।

शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्षरत संस्था ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा कि बच्चों के दाखिले के लिए फरवरी माह से विभाग के चक्कर काट रहे हैं, बावजूद इसके विभाग द्वारा उन्हें सार्थक जवाब नहीं दिया जा रहा। ऐसे में विभाग द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कंफरमेशन की एसएमएस के जरिए तत्काल जानकारी दी जाए। जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, आगे की जानकारी कब और कैसे दी जाएगी, का विस्तृत विवरण रहे। 29 जून को लॉटरी के बाद फाइनल सूची को ऑनलाइन किया जाए। साथ ही अभिभावकों को नामांकित विद्यालय की एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाए। जिससे उन्हें विभाग से जानकारी हासिल करने की मशक्कत से निजात मिल सके। साथ ही पारदर्शी माहौल बन सके।

आरटीई संस्था द्वारा दाखिले के लिए निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए जाएं। स्कूलों को ऑनलाइन लिस्ट और एसएमएस से प्राप्त दाखिला संबंधी जानकारी के आधार पर टाल मटोल किए बिना दाखिले लिए जाने के निर्देश दिए जाएं। निर्देश को न मानने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। संस्था ने इस बात की भी मांग की है कि आरटीई से संबंधित सभी जरूरी रिपोर्ट पब्लिक डोमेन के तहत ऑनलाइन किया जाए। इसके अलावा ग्रीवांश रिड्रेसल सेल भी शुरू किये जाने की मांग की गई है।

तलब किए गए बीएसए लखनऊ  दो दिन पूर्व दैनिक जागरण में प्रकाशित शिक्षा के हक पर फिसड्डी शीर्षक खबर को एडीशनल चीफ सेक्रेटरी आरपी सिंह द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लिया गया। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ प्रवीण मणि त्रिपाठी को सोमवार को तलब कर इस संबंध में स्पष्टीकरण दिए जाने को कहा है।

आरटीई के तहत जिला स्तर पर क्या प्रगति है, इस संबंध में अभी जानकारी नहीं है। जल्द से जल्द दूसरी सूची प्रकाशित किए जाने के पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। Nina Srivastava, Additional Director, Basic Education Department

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