शिक्षकों व कर्मचारियों के सीधे पटल में प्रवेश पर लगी रोक, ई-मेल से भेजनी होगी शिकायत

प्रयागराज: उच्च शिक्षा निदेशालय की आबोहवा धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से निदेशालय में शिक्षकों व कर्मचारियों के आने पर रोक लगा दी गई है। राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों का कोई शिक्षक या कर्मचारी पेंशन, जीपीएफ, पदोन्नति व स्थानांतरण के लिए निदेशालय के पटलों का चक्कर काटता मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित कॉलेज के प्राचार्य से भी जवाब मांगा जाएगा।

उच्च शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली पर हमेशा अंगुली उठती रही है। पटलों में व्याप्त अनियमितता की शिकायत शासन तक हो चुकी है। पेंशन, जीपीएफ के लिए सेवाकाल से शिक्षक व कर्मचारी कॉलेज का काम छोड़कर निदेशालय का चक्कर काटने लगते हैं। अधिकारियों व बाबुओं को पैसा देकर हर कोई जल्द काम कराना चाहता है। इसके मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशक ने किसी भी शिक्षक व कर्मचारी के व्यक्तिगत रूप से निदेशालय आने पर रोक लगा दिया है। अगर निदेशालय आते भी हैं तो उन्हें अपने प्राचार्य को कारण बताकर लिखित अनुमति लेनी होगी, फिर निदेशालय आकर सिर्फ निदेशक व दूसरे अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या बतानी होगी। फाइल का निस्तारण कराने के लिए वह सीधे पटल पर जाकर किसी से संपर्क नहीं कर सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि शिक्षकों व कर्मचारियों की सहूलियत के लिए उनकी समस्या का त्वरित निस्तारण कराने का प्रबंध किया गया है। अपना काम कराने के लिए उन्हें निदेशालय नहीं आना पड़ेगा। बल्कि हम काम करके उसकी सूचना उन्हें देंगे। इससे शिक्षक व कर्मचारियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, साथ ही कॉलेज का काम भी प्रभावित नहीं होगा।

सात दिन के अंदर मिलेगा जवाब: ई-मेल के जरिए मिलने वाली शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। निदेशालय के अधिकारी सात दिन के अंदर समस्या का निस्तारण करके ई-मेल के जरिए जवाब भेजेंगे।

ई-मेल से भेजनी होगी शिकायत

पेंशन की शिकायत- [email protected]

जीपीएफ संबंधित शिकायत  – [email protected]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.