बेशक सरकारी स्कूलों में जूते-मोजे और स्वेटर बंट चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बड़ी स्याह है

बागपत: बेशक सरकारी स्कूलों में जूते-मोजे और स्वेटर बंट चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बड़ी स्याह है। साइज छोटा-बड़ा होने से जूतों को बोरी में भरकर लौटाया गया तो कहीं स्वेटर मिलने का इंतजार है। काफी बच्चों को 10 माह बाद भी यूनिफॉर्म नहीं मिली है। हद यह है कि तंत्र मस्त है और ठंड में बच्चे की कंपकपी छूटी है। देखिए कुछ स्कूलों की बानगी..

कलक्टर के आवास से चंद कदम दूर सिसाना के प्राथमिक स्कूल नंबर एक में कक्षा 5वीं की मनीषा पूछने पर बोलीं कि जब स्वेटर मिला ही नहीं तो पहनकर कहां से आती? स्वाति बोलीं कि यह जर्सी तो भाई की पहनकर आईं हैं।..स्वेटर तो मिला ही नहीं। अध्यापिका रीना कहती हैं कि 216 बच्चों में 10 को स्वेटर नहीं मिले हैं। कई बच्चों को चप्पल में देखा तो पूछने पर दूसरी अध्यापिका बोलीं कि साइज छोटा-बड़ा होने पर 32 बच्चों के जूते लौटा दिए थे, लेकिन अभी मिले नहीं हैं।

प्राथमिक स्कूल नंबर दो में 189 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन 09 बच्चों को स्वेटर तथा 40 बच्चों को जूते-मोजे मिलने का इंतजार है। प्रधानाध्यापिका प्रवेश रानी ने कहा कि डिमांड भेजी है। उम्मीद है दो चार दिन में जूते और स्वेटर मिल जाएंगे। उच्च प्राथमिक स्कूल सिसाना में स्वेटर सभी 140 बच्चों को मिल चुके हैं लेकिन 100 बच्चों को जूते और 36 बच्चों को यूनिफॉर्म मिलने का इंतजार है। प्रधानाध्यापक तेजपाल सिंह बोले कि जूते सभी बच्चों के आए थे, लेकिन जूतों का साइज आउट होने तथा अधिकांश बच्चों के दोनों जूते एक ही पैर के आने से लौटा दिए गए हैं।

प्राथमिक स्कूल गौरीपुर जवाहरनगर में 21 बच्चों को जूते, प्राथमिक स्कूल निवाड़ा में 483 बच्चों में 52 को स्वेटर, 83 बच्चों को जूते, 235 बच्चों यूनिफॉर्म नहीं मिली है। प्राथमिक स्कूल पाली में 38 बच्चों को स्वेटर, 17 बच्चों को जूते, उच्च प्राथमिक स्कूल पाली में 29 बच्चों को स्वेटर, 16 बच्चों को जूते नहीं मिले हैं। प्राथमिक स्कूल अहेड़ा नंबर दो में पांच बच्चों को स्वेटर व जूते मिलने का इंतजार है। प्राथमिक स्कूल आदर्श नंगला में 12 बच्चों को जूते, 11 बच्चों को जूते और 18 बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिली है। प्राथमिक स्कूल तुगाना में 18 बच्चों को स्वेटर, नौ बच्चों को मोजे और यूनिफॉर्म नहीं मिली।

प्राथमिक स्कूल नंबर दो बामनौली में 70 में 35 बच्चों को स्वेटर नहीं मिले। उच्च प्राथमिक स्कूल दौलतपुर में 40 बच्चों को यूनिफॉर्म, 17 बच्चों को जूते और 25 बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। प्राथमिक स्कूल नंबर एक लोयन में 17 बच्चों को जूते, प्राथमिक स्कूल सादिकपुर सिनौली में छह बच्चों को यूनिफार्म व 27 बच्चों को जूते नहीं मिले।

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