परिषदीय विद्यालयों में भर्तियां नए मानक के अनुरूप हो सकेंगी

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अगले महीने होने जा रही है। फरवरी 2019 में भी शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराने का एलान हो चुका है। दोनों भर्तियों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश भर में चल रहे विद्यालयों और तैनात अध्यापकों का रिव्यू करेगा उसके बाद भर्तियों का एलान करेगा। इसकी यह वजह है कि हाल फिलाल में शिक्षा का अधिकार कानून आरटीई 2009 के तहत सूबे के परिषदीय स्कूलों में पद निर्धारण किये है।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात से शिक्षक पद निर्धारण किये जायेंगे। परिषद मुख्यालय ने जो निर्धारित पद जनपदों को भेजे हैं, उसमें बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापकों के पद खत्म हो गए हैं। संबंधित स्कूलों में छात्र संख्या कम होने के कारण प्रधानाध्यापकों के पद खत्म हो गए हैं। आरटीई के तहत ऐसे स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं होंगे। आपको मालूम होगा कि प्राथमिक स्कूल में 150 व उच्च प्राथमिक में 100 से कम छात्र संख्या पर आरटीई में प्रधानाध्यापक का प्राविधान नहीं है। ऐसे स्कूलों में तैनात प्रधानाध्यापकों को न हटाने का निर्देश अभी नहीं दिया गया है। अब देखना ये होगा ऐसे प्रधानाध्यापकों की तैनाती विभाग कहां करेगा। इसके बाद सहायक अध्यापकों का पद निर्धारित होने के बाद पिछले वर्षो की संख्या से आकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि प्रत्येक प्राथमिक स्कूल में 30 छात्र व उच्च प्राथमिक में विषय के न्यूनतम तीन शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य है। शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के तहत 41556 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अगले माह होगी। वहीं, फरवरी 2019 में दूसरी शिक्षक भर्ती परीक्षा कराकर करीब 95 हजार पद भरे जायेंगे। नए छात्र शिक्षक अनुपात को पूरा करने में ये पद सहायक होंगे।

65 हजार शिक्षक अतिरिक्त मिल चुके: बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष स्कूलों में तैनात शिक्षकों का आकलन कराया था। उस समय छात्र-शिक्षक अनुपात से करीब 65 हजार शिक्षक अतिरिक्त मिले थे। ज्ञात हो कि आकलन में 1 लाख 37 हजार समायोजित शिक्षक भी शामिल थे। इसी को ध्यान में रखकर बेसिक शिक्षा विभाग ने रिक्त पड़ी तमाम भर्तियों को पूरा नहीं कराया गया। कई भर्तियां तो अभी तक शुरू नहीं पाई है और बहुत भर्ती अधर में फंसी हैं।

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