यूपीटीईटी के पांच प्रश्नों पर परीक्षा संस्था से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2019 के पांच प्रश्नों का जवाब गलत होने को लेकर दाखिल याचिका पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी से तीन दिन में जवाब मांगा है। कोर्ट ने आपत्तियों पर प्राधिकारी से स्पष्ट जवाब हलफनामा के मार्फत देने को कहा है।

अभ्यर्थी अखिलेश की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने दिया है। याचिका पर अब अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। याची अधिवक्ता का कहना था कि आठ जनवरी 2020 को यूपीटीईटी का आयोजन किया गया। लिखित परीक्षा के बाद 13 जनवरी को उसकी उत्तरकुंजी जारी की गई। याची ने ‘ए’ सीरीज पुस्तिका के हंिदूी खंड दो के प्रश्न संख्या 35 और खंड संख्या पांच के प्रश्न संख्या 124, 139 व 144 पर आपत्ति दाखिल किया। लेकिन, आपत्ति का निस्तारण किए बिना अंतिम उत्तरकुंजी जारी कर दी गई। याचिका में कहा गया है कि एक प्रश्न में पूछा गया कि अनुच्छेद 356 का प्रयोग देश में पहली बार कब किया गया? उसके चार विकल्प दिए गए, इसमें जम्मू-कश्मीर में 1956, केरल में 1957, बिहार में 1958 और मध्य प्रदेश में 1957 विकल्प दिए गए।

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