शिक्षक भर्ती रोकने पर जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 की इंटर कॉलेजों में सामान्य विज्ञान विषय के अध्यापकों की भर्ती मामले में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा से व्यक्तिगत हलफ़नामा मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि 13 जनवरी तक हलफनामा नहीं दाखिल होने पर कोर्ट याचिका के तथ्यों के आधार पर आदेश पारित करेगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने राजबहादुर सिंह व अन्य की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा व अधिवक्ता आलोक मिश्र को सुनकर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार छह जून 2016 को जंतु विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान विषय को एकीकृत कर सामान्य विज्ञान विषय के अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। इस विज्ञापन में स्नातक स्तर पर गणित की योग्यता निर्धारित की गई है। कहा गया है कि जीव विज्ञान के छात्र गणित नहीं लेते इसलिए जीव विज्ञान के 158 पदों को विज्ञापन से अलग कर दिया गया। इसे लेकर याचिका दाखिल हुई।

याचियों का कहना है कि साइंस के अन्य विषय के अध्यापकों की भर्ती हो जाएगी लेकिन बायोलॉजी विषय के अध्यापकों की भर्ती नहीं हो सकेगी। इनकी भर्ती रोकना अनुचित होगा। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि नियमों में संशोधन किया जाएगा। ऐसा राज्य सरकार को करना है। याचियों का कहना है कि अगर इंटर में फिजिक्स, केमेस्ट्री व बायोलॉजी के साथ गणित विषय को शामिल कर लिया जाए, तो इस समस्या का निदान हो सकता है।

कांस्टेबल भर्ती 2013 के बचे पदों पर जवाब तलब

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2013 की नागरिक पुलिस व पीएसी कांस्टेबल भर्ती में बचे 3295 पदों पर कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को चयनित करने के मामले में राज्य सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुधीर शर्मा व 33 अन्य पीएसी कांस्टेबलों की याचिका पर अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी को सुनकर दिया है। याचिका के अनुसार 2013 नागरिक पुलिस व पीएसी कांस्टेबल भर्ती में 3295 पद बचे रह गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया है। पुलिस विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत इन पदों पर उन अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर रहा है, जिन्होंने लिखित परीक्षा में व्हाइटनर और ब्लेड का प्रयोग किया था।