नवनियुक्त शिक्षकों के एरियर भुगतान में मनमानी का खेल होना शुरू

बिजनौर। नवनियुक्त शिक्षकों के एरियर भुगतान में मनमानी का खेल होना शुरू हो गया है। एरियर भुगतान को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अवैध वसूली के अड्डे साबित हो रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने नवनियुक्त शिक्षकों के एरियर भुगतान की मांग की है। वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि मार्च में शिक्षकों के एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा।

जिले के परिषदीय प्राइमरी विद्यालय में अक्तूबर में 1000 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बरते जाने की बात कही गई थी। लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अनियमितता की शिकायतें आनी शुरू हो गईं। कभी शिक्षकों की सेवा पंजिका बनाने के नाम पर तो कभी शिक्षकों की विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट प्रमाणित करने नाम पर अवैध वसूली की बातें सामने आती रहीं। अब नवनियुक्त शिक्षकों के चार महीने की तनख्वाह का भुगतान एरियर के रूप में किया जाना है। शिक्षक आए दिन एरियर भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

वहीं शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद जिन शिक्षकों की तनख्वाह का भुगतान होना शुरू हो गया है उनके एरियर भुगतान में भी मनमानी शुरू हो गई है। चार महीने बाद भी शिक्षकों के एरियर भुगतान के लिए बिल वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बीईओ कार्यालय पर हो रही मनमानी की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि मार्च में शिक्षकों के एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। अवैध वसूली में लिप्त कर्मचारियों को चिह्नित कर उनकी शिकायत शासन से की जाएगी। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार मीडिया प्रभारी चौधरी अंगजीत सिंह ने नवनियुक्त शिक्षकों के एरियर का भुगतान अविलंब कराने की मांग की है।

शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं करने दी जाएगी। मनमानी करने वाले कर्मचारियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-महेश चंद, बीएसए

एक लिपिक हो चुका है निलंबित
विकास क्षेत्र हल्दौर के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर तैनात एक लिपिक शिक्षकों से अवैध वसूली व अनियमितता करने के मामले में निलंबित भी हो चुका है। लिपिक विनोद कुमार की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसका संज्ञान लेते हुए बीएसए ने लिपिक विनोद कुमार को निलंबित कर दिया था।

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