काउंसलिंग के इंतजार में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां फंसी

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षाशास्त्र के 100 पदों पर भर्ती के लिए चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन काउंसलिंग के इंतजार में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां फंसी हुईं हैं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि ऑनलाइन काउंसलिंग जल्द कराई जाए और उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।

विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें से 34 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग कराकर उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और अभ्यर्थियों ने ज्वाइन भी कर लिया है। इनमें से 33 विषयों में कई चयनित अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्हें काउंसलिंग के बाद भी कॉलेज आवंटित नहीं किए गए और वे नियुक्ति पत्र के लिए भटक रहे हैं। इन दिनों निदेशालय में ऐसे ही चयनित अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित करने की तैयारी चल रही है।
अब केवल शिक्षाशास्त्र के चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग अटकी हुई है। शिक्षाशास्त्र के 100 पदों पर चयन की प्रक्रिया उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग पूरी कर चुका है और चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें भी उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजी जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए अब निदेशालय के चक्कर लगा रहे हैं। काउंसलिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाएंगे और नियुक्ति पत्र जारी होंगे। अभ्यर्थियों की मांग है कि निदेशालय एक सप्ताह में ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी करे।

निदेशालय में 24 लोगों के पटल बदले गए
प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय में एक ही सीट पर तीन वर्षों से अधिक समय से जमे 24 कर्मचारियों एवं अफसरों के पटल परिवर्तित कर दिए गए हैं। इन पटलों पर लंबे समय से तैनात कर्मचारी एवं अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद शासन स्तर से जांच और सत्यापन कराया गया था। इसी आधार पर निदेशालय में अब 24 लोगों के पटल बदल दिए गए हैं। जिनमें कर्मचारी और अफसर शामिल हैं। हालांकि पटल परिवर्तन से निदेशालय में कर्मचारियों का एक वर्ग असंतुष्ट है। इससे निदेशालय में कामकाज प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।

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