परीक्षाओं में अब बार-बार नहीं करना पड़ेगा आवेदन

उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों को अब हर परीक्षा के लिए नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए आयोग अब अभ्यर्थियों को एकबारगी पंजीकरण की सुविधा देने जा रहा है। वहीं छोटी भर्तियों में भी अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए आयोग ने भविष्य में होने वाले चयन के लिए द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली को अपनाने का निर्णय किया है। इसके लिए आयोग विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के सभी प्रकार के पदों के लिए प्रारंभिक अर्हकारी परीक्षा (प्रिलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट/पीईटी) आयोजित करेगा।

प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर शार्टलिस्ट किये गए अभ्यर्थियों के लिए द्वितीय स्तर पर मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा व शारीरिक परीक्षा आदि का आयोजन विभागीय आवश्यकताओं व संबंधित सेवा नियमावली के अनुसार किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई आयोग की असाधारण बैठक में यह फैसले किए गए।

एकबारगी पंजीकरण में भरने होंगे आधार संख्या के अंतिम आठ अंक

’एकबारगी पंजीकरण के लिए आवेदक को अपने आधार कार्ड संख्या के अंतिम आठ अंकों के साथ व्यक्तिगत विवरण आयोग की वेबसाइट पर भरना होगा। साथ ही, शैक्षिक योग्यता, श्रेणी व अर्हता आदि से संबंधित प्रमाणपत्रों को अपलोड करना होगा। आवेदक उच्चतर शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने पर अपनी यूजर प्रोफाइल को समय-समय पर अपडेट कर सकेगा।

’एकबारगी पंजीकरण हो जाने व आधार कार्ड संख्या के साथ लिंक हो जाने के बाद मूलभूत विवरण जैसे कि नाम, पिता का नाम, जाति व जन्मतिथि, श्रेणी आदि में संशोधन नहीं हो सकेगा।

’आवेदक द्वारा अपलोड किये गए सभी प्रमाणपत्र उसके डिजिटल ई-लॉकर में उपलब्ध रहेंगे। आयोग उन्हें देख और डाउनलोड कर सकेगा।

’अपलोड किये गए प्रमाणपत्रों का संबंधित शैक्षणिक बोर्ड या विश्वविद्यालय से ऑनलाइन सत्यापन कराया जाएगा।

’जिन प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन संभव नहीं है, उनका ऑफलाइन सत्यापन मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के समय या परीक्षाफल घोषित होने के बाद कराया जाएगा। संबंधित खबर पेज13।

’>>आयोग अभ्यर्थियों को देगा एकबारगी पंजीकरण की सुविधा

’>>द्विस्तरीय होगी प्रक्रिया, स्क्रीनिंग को होगी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.