औसत अंक में अनुत्तीर्ण होने वालों को देनी पड़ सकती है परीक्षा

प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) 2019 का पेच सुलझने वाला है। जो प्रशिक्षु दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें पहले सेमेस्टर की पूरी परीक्षा और दूसरे सेमेस्टर के फेल विषयों में इम्तिहान देना पड़ सकता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने निदेशक बेसिक शिक्षा को प्रस्ताव भेजा है।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर में बेसिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी किया था कि डीएलएड प्रशिक्षुओं को अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा। 2019 बैच के वे प्रशिक्षु जो पहले सेमेस्टर में थे, उनकी सीधे दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा हुई। शासनादेश में कहा गया था कि दूसरे सेमेस्टर में उन्हें जो अंक प्राप्त होंगे, उसके औसत अंक उन्हें पहले सेमेस्टर में विषयवार दे दिए जाएंगे। दूसरे सेमेस्टर के इम्तिहान में करीब 1.7 लाख प्रशिक्षु थे, जिसमें से करीब एक लाख उत्तीर्ण होकर अब तीसरे सेमेस्टर में पहुंच चुके हैं, जबकि 70 हजार प्रशिक्षुओं का पेच फंसा था। वे कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण थे। उन्हें औसत अंक देने पर भी वे पहले सेमेस्टर में उत्तीर्ण नहीं हो रहे हैं। इसलिए उन्हें अगले सेमेस्टर में भेजने का प्रकरण लटका था।

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’>>दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में 70 हजार से अधिक हुए थे अनुत्तीर्ण

’ पहले व दूसरे सेमेस्टर में फेल विषयों में परीक्षा देने का प्रस्ताव

इम्तिहान देकर करना होगा पास

परीक्षा संस्था ने निदेशक को प्रस्ताव भेजा है कि जो प्रशिक्षु दूसरे सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण हैं और औसत अंक मिलने पर भी उत्तीर्ण नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें पहले सेमेस्टर की परीक्षा और दूसरे सेमेस्टर में फेल होने वाले विषयों का इम्तिहान देकर पास करना होगा, तब वे तीसरे सेमेस्टर में जा सकेंगे। कुछ ऐसे भी प्रशिक्षु हैं जो दूसरे सेमेस्टर में फेल हैं, लेकिन औसत अंक पाकर पहले सेमेस्टर में उत्तीर्ण हो रहे हैं। उन्हें केवल दूसरे सेमेस्टर में फेल विषय की ही परीक्षा पास करनी होगी। अब निर्देश मिलने के बाद इसका अनुपालन होगा।

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