सीबीएसई की दसवीं, बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चार चरणों में होगा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षा से पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी शुरू कर दी है। दसवीं और बारहवीं की कॉपियों का एक बार मूल्यांकन के बाद उसे तीन बार क्रास चेक किया जाएगा। बोर्ड ने इसके लिए शिक्षकों की टीम बनाकर जांच कराने का फैसला किया है। बोर्ड ने यह निर्णय अंकों के सत्यापन के लिए आने वाली शिकायतों को कम करने के लिए किया है।

सीबीएसई की ओर से 2021 की परीक्षा के बाद होने वाले मूल्यांकन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। परीक्षक की ओर से एक बार कॉपियां जांचने के बाद दो अन्य परीक्षक कॉिपियों को क्रास चेक करेंगे। दो परीक्षकों द्वरा की गई जांच के बाद कंप्यूटर पर अंकों का मिलान किया जाएगा।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज द्वारा जारी की गई सूचना में कहा गया है कि बोर्ड की ओर से गलतियों को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। इसके लिए अबकी बार मूल्यांकन केंद्रों और परीक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे शिक्षकों पर मूल्यांकन के दौरान दबाव कम होगा। बोर्ड की ओर से परीक्षकों को एक सत्र में 20 कॉपियां ही जांचने के लिए दी जाएंगी।

सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं चार मई से शुरू हो रही हैं, बोर्ड की ओर से एक सप्ताह बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने की तैयारी है। दसवीं की बोर्ड परीक्षा सात जून एवं बारहवीं की 11 जून को संपन्न होगी, जुलाई के पहले सप्ताह तक परिणाम घोषित करने की तैयारी है।