कोर्ट ने कहा कि परीक्षाओं में विषय विशेषज्ञों की राय ही अंतिम होगी

प्रयागराज : यूपी टीईटी 2018 में पूछे गए 15 सवालों में से दो सवालों पर ही विषय विशेषज्ञ की राय लेने के एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपीलें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने परीक्षा में पूछे गए कुछ सवालों को पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर का मानने से भी इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि उक्त सवाल सामान्य अध्ययन व अंग्रेजी विषय के हैं।

कोर्ट ने 15 सवालों में से केवल दो सवालों पर दोबारा राय लेने के आदेश को भी यह कहकर सही करार दिया कि कोर्ट विशेषज्ञ नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि परीक्षाओं में विषय विशेषज्ञों की राय ही अंतिम होगी। अपील में उठाए गए मुद्दों को कोर्ट ने बलहीन माना और यह भी कहा कि यूपी टीईटी हर साल होती है। असफल छात्रों के लिए कोर्ट अंतर्निहित शक्तियों का बिना ठोस वजह के प्रयोग नहीं कर सकती। वे दूसरे वर्ष भी परीक्षा में बैठ सकते हैं। सवाल गलत साबित करने का भार वादकारी पर है। यदि विशेषज्ञ की राय सवालों के पक्ष में है तो कोर्ट उसे ही मानेगी, जब तक कोई अवैधानिकता स्पष्ट रूप से न हो कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल ने हिमांशु गंगवार व कई अन्य की विशेष अपीलों पर दिया है। मालूम हो कि UPTET 2018 के 15 सवालों पर आपत्ति की गई थी। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने इसके लिए विशेषज्ञ पैनल गठित किया था, जिसने आपत्तियों पर विचार कर उन्हें निस्तारित कर दिया।

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