सभी आइआइएम नहीं चाहते हैं शिक्षक भर्ती में कोई आरक्षण

देश के प्रीमियर 20 भारतीय प्रबंध संस्थानों (आइआइएम) ने मानव संसाधन मंत्रलय से शिक्षकों की भर्ती में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) आरक्षण लागू करने से छूट की मांग की है। अभी आइआइएम में शिक्षकों की भर्ती में यह आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं है लेकिन, एचआरडी मंत्रलय ने फैकल्टी की भर्ती में भी आरक्षण लागू करने को कहा है।

विगत वर्ष के सात मार्च से आरक्षण व्यवस्था लागू होनी है। अधिकारियों के मुताबिक आइआइएम ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाती है और सभी वर्गो को समान अवसर दिए जाते हैं। समाज के सभी वर्गो को उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाती है। अभी प्रबंध संस्थानों में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के 1975 के आदेश का पालन किया जाता है, जिसमें वैज्ञानिक और तकनीकी पदों को आरक्षण नीति से मुक्त रखा गया है। इसको लेकर आइआइएम-अहमदाबाद का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। नवंबर, 2019 में मंत्रलय ने सभी आइआइएम को पत्र लिखकर सभी केंद्रीय संस्थानों और विश्वविद्यालयों की शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था लागू करने के नियम को लागू करने को कहा था। बुधवार को एक और पत्र लिखकर सीधी भर्ती में आरक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस पत्र में सभी आइआइएम को सात मार्च 2019 से आरक्षण व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया गया है। केंद्र सरकार ने जब पिछले साल मार्च में नई अधिसूचना निकाली तो ओबीसी को भी एससी-एसटी के साथ शामिल किया। बाद में इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गो को भी शामिल कर लिया गया है।

आइआइएम अहमदाबाद के पीएचडी कार्यक्रम में भी कोटा नहीं

आइआइएम अहमदाबाद ने पीएचडी कार्यक्रम में आरक्षण व्यवस्था लागू करने के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली है। सरकार का कहना है कि 2017 के नियमों के तहत पीएचडी कार्यक्रम में आरक्षण लागू है। वहीं आइआइएम अहमदाबाद का दावा है कि वह स्वायत्त संस्थान है, ऐसे में सरकार का दखल गलत है।

लखनऊ, अहमदाबाद समेत देश में हैं 20 आइआइएम

विभिन्न सर्वे आइआइएम अहमदाबाद को देश का शीर्ष मैनेजमेंट संस्थान मानते हैं। कोलकाता, लखनऊ, इंदौर और लखनऊ के आइआइएम बहुत प्रतिष्ठित हैं। काफी वर्षो तक ये पांच आइआइएम ही देश में संचालित थे। पहले मनमोहन सरकार और इसके बाद मोदी सरकार ने देश में 15 अन्य आइआइएम खोले। जम्मू, अमृतसर, काशीपुर, रोहतक, श्रीरामपुर, उदयपुर, बोधगया, शिलांग, रायपुर, रांची, संभलपुर, विशाखापत्तनम, त्रिचनापल्ली, कोङिाकोड, नागपुर में नए आइआइएम खोले गए।

सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में नहीं लागू होगा आरक्षण आइआइएम चाहते हैं खास दर्जा

नौ जुलाई 2019 के आदेश में केंद्र सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की भर्ती में किसी तरह का आरक्षण लागू नहीं किया है। अब आइआइएम सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का दर्जा चाहते हैं। आइआइटी भी यह दर्जा सरकार से मांग रहे हैं। नौ जुलाई को केंद्र सरकार ने राजपत्र प्रकाशित किया, जिसमें केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में अध्यापक की श्रेणी में आरक्षण का नियम दिया गया है। अब आइआइएम इस श्रेणी में आने को उतावले हैं, जिससे स्टाफ भर्ती में उन्हें कोटा नहीं देना पड़े।

आठ संस्थानों को है छूट

इंस्टिट्यूशन ऑफ एक्सिलेंस, रिसर्च संस्थानों के साथ राष्ट्रीय और रणनीतिक महत्व के संस्थानों को आरक्षण से छूट दी गई है। सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की श्रेणी में 8 संस्थान हैं। इनमें होमी भाभा नेशनल इंस्टिट्यूट, जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलूरु, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी, अहमदाबाद, स्पेस फिजिक्स लेबोरेटरी, तिरुअनंतपुरम और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग को शामिल किया गया था।

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