यूपी के विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को छोड़कर शेष सभी परीक्षाएं रद्द

कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते हुए प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में स्नातक व परास्नातक के सिर्फ अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की ही परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है बाकी विद्यार्थियों को पिछली परीक्षा में उनके प्रदर्शन को देखते हुए प्रोन्नत करने का निर्णय लिया गया है. इसकी जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दी.

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा कोविड 19 वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत छात्रों के स्वास्थ्य सुरक्षा सिद्धान्तों, पारदर्शी एवं समान अवसर को महत्व दिये जाने, शैक्षणिक विश्वसनीयता, व्यवसाय का अवसर और वैश्विक स्तर पर छात्रों के भविष्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए छात्रों के शैक्षिक मूल्यांकन तथा परीक्षा में प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास एवं संतुष्टि का भाव उत्पन्न करने के साथ क्षमता, प्रदर्शन, विश्वसनीयता को वैश्विक स्वीकार्यता प्रतिबिंबित किये जाने के दृष्टिगत परीक्षाएं सम्पन्न कराने और परिणाम घोषित करने और आगामी सत्र के शैक्षणिक कैलेण्डर के बिन्दुओं को सम्मिलित किया गया है.
यूजीसी तथा भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं/परिणाम 2020-21 के सम्बन्ध में निम्नांकित दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
1. कोविड-19 के प्रसार के खतरे के दृष्टिगत राज्य विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष/अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर अवशेष परीक्षाओं को स्थगित किया जाए.

2. कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा समस्त परीक्षाएं लॉकडाउन से पूर्व सम्पन्न करा ली गई थीं और मूल्यांकन के पश्चात परिणाम भी जारी कर दिये गये हैं. वे परिणाम यथावत रहेंगे. इन परीक्षाओं पर वे नियम लागू रहेंगे, जो पहले से लागू थे.

3. कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न कक्षाओं की कुछ परीक्षाएं लॉकडाउन से पूर्व सम्पन्न कर ली गई थीं. उनके मूल्यांकन करके उनके अंक अंतिम परिणाम में सम्मिलित किये जायेंगे.

4. सभी संकायों के विभिन्न कक्षाओं के ऐसे छात्र जो लॉकडाउन/18 मार्च, 2020 के पूर्व सम्बन्धित विश्वविद्यालय द्वारा सम्पन्न करायी गई परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के मूल्यांकन के आधार पर अपनी कक्षा के प्रत्येक विषय में पृथक-पृथक उत्तीर्ण की है अथवा बैक पेपर के लिए अर्ह है. उन्हें अगले वर्ष/अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया जाएगा तथा उनकी अवशेष परीक्षाएं स्थगित रहेंगी. ऐसे छात्र, जो पूर्व में सम्पादित इस परीक्षा के अपूर्ण परिणाम के आधार पर सम्बन्धित विश्वविद्यालय के नियमानुसार बैक पेपर के लिये भी अर्ह नहीं है तथा अनुत्तीर्ण है, उनको वर्ष 2020 की परीक्षा में अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा.

5. निम्न प्रस्तरों में उल्लिखित व्यवस्था 2019-20 की केवल अवशेष परीक्षाओं के लिए लागू होगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.