पाठ्य सामग्री वितरण के बारे में सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे

  

delhi universityदिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के नॉर्थ कैंपस स्थित कार्यालय में पाठ्य सामग्री वितरण के बारे में सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। बाद में पला चला कि यह सूचना झूठी थी। बिना बुलाए इस भीड़ को देख एसओएल प्रशासन हक्का बक्का रह गया। छात्रों को यह जानकारी सोशल मीडिया से मिली थी।

इसे लेकर एसओएल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। एसओएल के विशेष कार्य अधिकारी प्रो.उमा शंकर पांडेय ने बताया कि प्रशासन ने छात्रों को इतनी बड़ी संख्या में पाठ्य सामग्री देने के लिए नहीं बुलाया था। छात्रों का कहना था कि उन्हें सोशल मीडिया से जानकारी मिली। किसी को यूट्यूब से तो किसी को फेसबुक या वेबसाइट से मिली है। हमने क्राइम ब्रांच से इस तरह की सोशल मीडिया साइट के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एसओएल कार्यालय के बाहर प्रशासन ने काफी मशक्कत से भीड़ को शांत कराया और उनके लिए पाठ्य सामग्री वितरण के लिए तिथि तय की।

कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें

एसओएल प्रशासन ने बढ़ती भीड़ के बाद 8 फरवरी से 4 मार्च तक प्रतिदिन तीन हजार छात्रों को पाठ्य सामग्री देने की घोषणा की है। प्रो. उमा शंकर पांडेय ने बताया कि यह व्यवस्था विषयवार की जा रही है, इसलिए छात्र संबंधित जानकारी लेकर यहां आए। उन्होंने छात्रों से पाठ्य सामग्री लेने के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन की अपील की।

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