विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में 15 सितंबर तक प्रवेश और एक अक्तूबर से कक्षाएं से शुरू

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के निरंतर बढ़ते मामलों के बीच विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में 15 सितंबर तक प्रवेश और एक अक्तूबर से कक्षाएं शुरू होंगी. स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में एक नवंबर से कक्षाएं चलेंगी. विवि 13 जुलाई से तीन अगस्त तक ई-कंटेंट तैयार करेंगे. जरूरत पड़ने पर फैकल्टी एवं कर्मचारियों को बुलाया जाएगा. 13 जुलाई से तीन अगस्त तक शिक्षक परिजनों से संचार के विभिन्न माध्यमों से संपर्क करेंगे. विशेष सचिव मनोज कुमार ने निदेशक उच्च शिक्षा एवं रजिस्ट्रार को नया शैक्षिक कैलेंडर जारी करते हुए उक्त निर्देश दिए हैं. वहीं, जुलाई में विवि एवं कॉलेजों में क्लास की संभावनाएं खत्म हो गई हैं.

ऐसे तैयार होगा ई-कंटेंट
आदेशों के अनुसार एचओडी, डीन और कुलपति 13 जुलाई यानी आज से कैंपस में पहुंचकर ई-कंटेंट तैयार कराएंगे. वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करेंगे. 31 जुलाई तक सभी फैकल्टी एवं विषयों का ई-कंटेंट तैयार करना होगा. जरूरत पड़ने पर कुलपति, डीन, एचओडी एवं कर्मचारियों को विवि और कॉलेज में बुलाया जा सकता है. उनसे ई-लेक्चर को रिकॉर्ड करने, प्रवेश प्रक्रिया और मूल्यांकन व परिणाम से संबंधित काम कराए जाएंगे. ई-कंटेंट वेबपोर्टल पर अपलोड करना होगा.

यह होगी प्रवेश प्रक्रिया
स्नातक प्रथम वर्ष में 15 सितंबर और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में 31 अक्तूबर तक प्रवेश पूरे करने होंगे. प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी.

चार अगस्त से शुरू होगी द्वितीय व फाइनल ईयर की कक्षा
स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष को छोड़कर यूजी-पीजी की ऑनलाइन कक्षाएं चार अगस्त से शुरू होंगी. स्थिति सामान्य होने पर एक अक्तूबर से क्लासरूम टीचिंग शुरू हो सकेगी. स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों का शिक्षण कार्य एक अक्तूबर से होगा.

45 दिन ऑनलाइन टीचिंग अनिवार्य
विवि एवं कॉलेजों में नए सत्र में 45 दिन ऑनलाइन टीचिंग अनिवार्य होगी. इसके बाद ऑनलाइन के साथ-साथ कक्षाओं में छात्रों को ग्रुप में बुलाया जाएगा. प्रथम वर्ष के छात्र हफ्तेभर कॉलेज में आएंगे. दूसरे हफ्ते दूसरे वर्ष के छात्र बुलाए जाएंगे. स्मार्ट क्लासरूम से क्लास का लाइव टेलीकॉस्ट होगा. अक्तूबर-नवंबर में कॉन्टेक्ट क्लासेज दूरी और ऐहतियात के साथ शुरू हो सकेंगी. प्रैक्टिकल भी वर्चुअल लैब में कराए जाएंगे.

छात्रों का निरंतर मूल्यांकन अनिवार्य
छात्रों का सतत मूल्यांकन होगा. इसमें मिड टर्म परीक्षा, सेशनल परीक्षा, ट्यूटोरियल, असाइनमेंट एवं प्रोजेक्ट शामिल रहेंगे. सभी कोर्स में मिड टर्म परीक्षा अनिवार्य होगी. विभाग इन सभी का मूल्यांकन कर विवि को अंक भेजेंगे. उक्त अंक सेमेस्टर या वार्षिक परीक्षा के कुल अंकों के 50 फीसदी रहेंगे. इनमें से 25-50 फीसदी अंक संबंधित प्रश्न पत्र के वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षा में जोड़कर परिणाम दिया जाए. यदि किन्हीं कारणों से परीक्षा नहीं होती तो इन अंकों से छात्रों को प्रमोट किया जाएगा.

यह है शैक्षिक कैलेंडर
-चार अगस्त से प्रथम वर्ष को छोड़कर सबकी ऑनलाइन क्लास.
-प्रथम वर्ष में 15 सितंबर प्रवेश की अंतिम तिथि, कक्षाएं एक अक्तूबर से.
-स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में कक्षाएं एक नवंबर से.
-मिड टर्म या बैक पेपर परीक्षाएं पांच दिसंबर-20 से.
-स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 मार्च 2021 से.
-स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में वार्षिक परीक्षाएं एक मई से 15 जून 2021 तक.
– सम सेमेस्टर के लिए मिड टर्म परीक्षाएं 30 अप्रैल 2021 तक.
-पीजी प्रथम वर्ष सम सेमेस्टर की परीक्षाएं 30 जून 2021 तक.
-वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम 15 जून 2021 तक.

मांग
सीबीएसई की तर्ज पर विवि के सिलेबस में भी 30 फीसदी की कटौती होनी चाहिए. फाइनल की परीक्षा पर यूजीसी का अड़े रहना समझ से परे है. छात्रों को शीघ्र प्रमोट करना चाहिए ताकि सत्र समय पर शुरू हो सके. एक वर्ष तक केवल ऑनलाइन कक्षाएं चलनी चाहिए. – डॉ.विकास शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, मूटा

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