पंचायत चुनाव में शिक्षकों की डबल ड्यूटी लगाए जाने के मामले में प्रशासन सख्त

प्रतापगढ़: पंचायत चुनाव में शिक्षकों की डबल ड्यूटी लगाए जाने के मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। परिषदीय स्कूलों में ऐसी गड़बड़ी बड़े पैमाने पर हुई है। इसके लिए जिम्मेदार सात खंड शिक्षा अधिकारियों को बीएसए ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को संपन्न कराने के लिए शिक्षक व कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान कार्मिक के रूप में लगाई गई है। सात अप्रैल से शुरू हुए प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी लगाए जाने में बड़े पैमाने पर खामियां आने लगीं। आलम यह रहा कि अधिकतर शिक्षकों की डबल ड्यूटी लगा दी गई थी। इसमें पुरुष के साथ महिला शिक्षक भी शामिल रहीं। डबल ड्यूटी लगने के बाद ऐसे शिक्षक व कर्मचारी परेशान हो गए और बीएसए कार्यालय से सीडीओ का चक्कर लगाने लगे। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने डबल ड्यूटी की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। मामले में बीएसए अशोक कुमार सिंह ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों की पड़ताल कराई तो खामियां खुलकर सामने आईं।

रविवार को बीएसए ने कुंडा के बीईओ रतनलाल, मानधाता के आशीष कुमार पांडेय, शिवगढ़ व गौरा के विमलेश कुमार तिवारी, कालाकांकर के सियाराम, लक्ष्मणपुर व सांगीपुर के गौतम प्रसाद, लालगंज के रिजवान अहमद तथा सदर व संडवा चंद्रिका के बीईओ रामशंकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कहा है कि उक्त ब्लॉक के शिक्षकों की डाटा फीडिंग में डबल ड्यूटी लगी। इसके अलावा इन ब्लॉक के सभी कार्मिकों का नाम पोर्टल पर फीड नहीं कराया गया है। यह भी कहा है कि इस बात की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों को थी जिसे लेकर सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इस संबंध में पूछे जाने पर बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सात खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से शिक्षकों की डबल ड्यूटी लगी है। इसके अलावा सभी कार्मिकों का डाटा भी पोर्टल पर नहीं कराया गया है। बीईओ को नोटिस जारी करते हुए ऐसे शिक्षक जिनका डाटा फीड नहीं कराया गया है उनकी सूची भी देने को निर्देशित किया गया है।

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