69000 शिक्षकों की भर्ती पर लग सकता है आचार संहिता का ग्रहण

69000 शिक्षक भर्ती का रिजल्ट अभी तक नहीं आया। परिणाम अब कोर्ट के फैसले के बाद ही आएगा। 69 हजार सहायक अध्यापक नियुक्तियों पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का ग्रहण लगना तय माना जा रहा है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने भर का समय नहीं रह गया है। मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, शिक्षक भर्ती के कटऑफ अंक प्रकरण की सुनवाई अभी हाईकोर्ट में चल रही है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में भर्ती के लिए शासनादेश

  • एक दिसंबर को 69 हजार शिक्षक भर्ती का शासनादेश जारी हुआ था
  • छह दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन लिए गए
  • छह जनवरी को लिखित परीक्षा मंडल मुख्यालयों पर कराई गई

परिक्षा नियमाक प्रधान कार्यालय ने शिक्षक भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी करके आपत्तियां लीं लेकिन शिक्षक भर्ती की संशोधित उत्तर कुंजी और परीक्षा रिजल्ट अब तक जारी नहीं हो सका है। इसका कारण यह है कि शासन ने सात जनवरी को शिक्षक भर्ती के लिए कटऑफ अंक जारी किया था। इस शिक्षक भर्ती में सामान्य को 65 और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 60 प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों के एक वर्ग ने इस कटऑफ अंक को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, उनका तर्क है कि अध्यापक भर्ती के पद शिक्षामित्रों से खाली हुए हैं और सरकार जानबूझकर उन्हें बाहर कर रही है। वे 68500 शिक्षक भर्ती का कटऑफ अंक ही लागू करने की मांग कर रहे हैं।

इस मामले की सुनवाई करीब एक माह से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चल रही है, इस मामले की सुनवाई अब तक पूरी नहीं हो पाई। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इसी प्रकरण में मार्च तक रिजल्ट जारी करने पर स्थगनादेश जारी कर दिया है। शासन की तैयारी थी कि लखनऊ खंडपीठ का आदेश आने के बाद स्थगनादेश को चुनौती दी जाएगी लेकिन, सुनवाई लंबी खिंचने से नियुक्तियां अब हो पाने की उम्मीद नहीं है। अभ्यर्थी कहते हैं कि कोर्ट में भर्ती रोकने के लिए ही सुनवाई पूरी नहीं हो रही है। Source News – Jagran

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