69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हुए सोमवार को एक साल पूरा, जारी नहीं हो सका परिणाम

69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हुए सोमवार को एक साल पूरा हो जायेगा लेकिन लिखित परीक्षा का परिणाम अभी तक घोषित नहीं हो सका. परीक्षा कटऑफ के विवाद के चलते परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय आज तक अंतिम उत्तरकुंजी तक जारी नहीं कर सका। इस भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों के परेशानी समझी जा सकती है.

इस भर्ती परीक्षा को लेकर यूपी सरकार ने वादा किया था कि 15 फरवरी 2019 को इस भर्ती के नियुक्ति पत्र बांट दिए जायेंगे। लिखित परीक्षा के पासिंग मार्क कटऑफ निर्धारित कर सबको चौका दिया था. राज्य सरकार द्वारा परीक्षा के एक दिन बाद यानी 7 जनवरी 2019 को पासिंग मार्क 60/65 प्रतिशत जारी कर दिया, जिसके कारण अभ्यर्थी परेशानी में आ गए. जबकि शासनादेश में इसका कोई जिक्र नहीं था. कटऑफ के खिलाफ 11 जनवरी को अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दाहिर की. जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कटऑफ 40/45 फीसदी करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ सरकार ने 22 मई को डबल बेंच में याचिका दायर की जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।

22 मई से लंबित मामला
डबल बेंच में सरकार की तरफ से 22 मई को याचिका दायर की उसके बाद से मामला लंबित है। इस दौरान कई तारीख पर महाधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। प्रभावी पैरवी के लिए अभ्यर्थियों ने 27 अगस्त और 11-12 सितंबर को लखनऊ में धरना भी दिया। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ट्विटर पर पूरे दिन यह मामला ट्रेंड हुआ लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा।

69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हुए एक वर्ष बीत चुके हैं। सरकार को अब इस मामले की नियमित सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देना चाहिए जिससे मामला अतिशीघ्र निस्तारित हो सके और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। -निरंजन सिंह, प्रदेश-महामंत्री बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा

इस समय 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर मानसिक उत्पीड़न के शिकार हैं। सालभर में रिजल्ट जारी नहीं हो सका। इतनी मेहनत करके पढ़ाई की, उम्मीद थी जल्द नौकरी मिलेगी लेकिन सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। –ऊषा यादव कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख जीतने वाली 69000 भर्ती की अभ्यर्थी

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