69000 शिक्षक भर्ती मामले में 23 मई को कोर्ट की सुनवाई का विस्तृत बीएड लीगल टीम की कलम से

दोस्तो आज हमारे कट ऑफ केस की सुनवाई चीफ जस्टिस की कोर्ट में केस नंबर 8 पर लगे हुए virendra pratap and others मामले से शुरू हुई।।यह स्पेशल अपील हमलोगों द्वारा ही सीनियर अधिवक्ता प्रशान्त चन्द्रा के यहाँ से ही ड्राफ्ट करवाई गई थी। जैसे ही प्रशान्त चन्द्रा सर् ने बोलना शुरु किया विपक्षी अधिवक्ता भदौरिया ने लड़कियों की तरह रोना शुरू कर दिया कि प्रशांत सर् तो सिंगल बेंच में सरकार की तरफ से थे तो यहाँ कैसे बहस कर सकते हैं। जज साहब ने कई बार भदौरिया को समझाया औऱ कहा कि पहले हमको समझने दो की क्या मामला है और डांट कर भदौरिया को बिठा दिया और जज ने सर् को आगे की कार्यवाही के लिए बोला। चूंकि कल ही सरकार की स्पेशल अपील रात में फ़ाइल होकर विपक्षी वकीलो को भेजी गई थी और 48 नम्बर पर अपना केस लगा हुआ था। टाइम इस वक़्त 12 के आस पास था और 8 केस ही हुए थे तो अपना 48 नम्बर बहुत देर से या समझे कि 3:30 बजे तक आ सकता था जोकि इतने बड़े मामले के लिए पर्याप्त नही था। जज साहब कल की डेट दे रहे थे तो हमारे सीनियर अधिवक्ता चन्द्रा साहब ने मना कर दिया कि वो कल की डेट के लिए उपलब्ध नही रह पाएंगे और सोमवार को विपक्षी अधिवक्ता के उपलक्ष्य न रहने के कारण डेट 29 मई दिन बुधवार को दे दी।

चूंकि बुधवार को फ्रेश केस नही रहते है और अपने मामले में असली भूमिका भी सरकार की ही रहेगी।।दोस्तों बुधवार को सरकार पूरी तैयारी के साथ अपने मामले पर अपना पक्ष रखेगी। कुछ लोग डेट मिलने से परेशान हैं तो उनको परेशान होने की कोई जरूरत नही है यह एक न्यायिक प्रक्रिया है अगली डेट पर हमारी माँग सिंगल बेंच के आर्डर पर स्टे की होगी और कोर्ट से यह माँग रहेगी कि लगातार सुनकर इस मामले पर निर्णय जल्दी दिया जाए।

उधर कुछ नादान लोगों ने 69000 से बीएड को बाहर करने के लिए भी केस किया था जोकि पहले 5 नम्बर कोर्ट में था और बाद में ट्रांसफर होकर 3 में आ गया। इसमे भी हमलोगों ने सीनियर अधिवक्ता प्रशान्त चन्द्रा सर् को कल ही ब्रीफ करवाकर आज के लिए हायर किया था। केस की सुनवाई जैसे ही आरम्भ हुई तो विपक्षी अधिवक्ता एल पी मिश्रा से जज साहब ने बोला कि आपने सिंगल बेंच में प्रेयर या ऑब्जेक्ट क्यों नही किया तो उनके पास बोलने के लिए कुछ नही था। हमारे प्रशांत सर् के द्वारा कोर्ट को अवगत करवाया गया कि 23rd औऱ 24th अमेंडमेंट हो चुके हैं जिससे अब बीएड पूरी तरह से प्राइमरी में शामिल भी हो गया है और कोर्ट को कहा कि इसी तरह का मामला भी आज चीफ जस्टिस की कोर्ट में था जिसकी डेट 29 मई लगी हुई है तो इसको भी उसी के साथ टैग कर दीजिए तो जज साहब ने स्पेशल अपीलों के साथ बीएड मैटर को भी टैग करके 29 की डेट लगा दी। हालाँकि विपक्षी अधिवक्ता इस केस टैग होने से संतुष्ट नही थे लेकिन जज साहब भी सिंगल बेंच के चौहान साहब की तरह एक पक्ष की बात सुनकर फैसला देने वालों में नही थे।
दोस्तो इस बीएड केस को हमारे विरोधी शिक्षामित्रों ने बीटीसी के फैल हुए लड़को को ढाल बनाकर करवाया है जिसकी पूरी फंडिंग शिक्षामित्रों के नेताओं ने की है। अब यह मामला भी बिल्कुल उसी तरह हो गया है जैसे कि 2011 का 72825 मामला ,29334 मामला और हाइकोर्ट से समायोजन जब रदद् होकर सुप्रीम कोर्ट गया तो सभी तीनो मामले एक साथ टैग हो गए थे और नुकसान केवल शिक्षामित्रों का हुआ क्योंकि उनका समायोजन अवैध था और सुप्रीम कोर्ट ने कोई रियायत नही दी,72825 और 29334 के साथ कोई भी छेड़छाड़ नही की।

दोनो केस एकसाथ लगना हमलोगो के लिए शुभ संकेत है और अगली तारीख 29 मई दिन बुधवार को सभी मामले एक साथ सुने जाएंगे तब तक के लिए धैर्य बनाये रखें।।
धन्यवाद
बीएड लीगल टीम लखनऊ।

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