मेधावी अभ्यर्थियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया, सामान्य वर्ग 65, आरक्षित वर्ग का 60 प्रतिशत कटऑफ तय

प्रयागराज : मेधावी अभ्यर्थियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सामान्य तैयारी करके इम्तिहान देने वालों को झटका भी लगेगा। परिषदीय स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में कटऑफ यानी उत्तीर्ण होने के लिए शासन ने न्यूनतम अंक तय कर दिया है। सामान्य वर्ग अभ्यर्थी को परीक्षा में उत्तीर्ण होने को 65 व आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 60 फीसद अंक पाने होंगे।

शासन के विशेष सचिव चंद्रशेखर ने जारी आदेश में कहा है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 97/150 यानी 65 प्रतिशत या अधिक अंक पाने पर उत्तीर्ण माना जाएगा। वहीं, अन्य सभी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 90/150 यानी 60 फीसद या अधिक अंक पर उत्तीर्ण होंगे। यह भी कहा है कि 69 हजार भर्ती में विज्ञापित पदों के सापेक्ष आवेदन करके उत्तीर्ण अंक पाने वाले अभ्यर्थी नियुक्ति को दावेदारी नहीं कर सकेंगे। यह परीक्षा नियुक्ति के लिए पात्रता मानदंडों के तहत है। उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी 69 हजार पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे, उनका चयन अंतिम मेरिट के आधार पर विज्ञापित पदों के सापेक्ष उप्र बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के बीसवें संशोधन के परिशिष्ट एक व निर्धारित आरक्षण के अनुरूप किया जाएगा। शेष अभ्यर्थी को सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 के आधार पर चयन का अधिकार नहीं होगा।

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शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत के संबंध में कोई पत्रचार स्वीकार नहीं होगा। साथ ही यह न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत मात्र सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2019 में ही मान्य किया जाएगा।

परीक्षा के बाद हुआ तय : 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2019 का शासनादेश एक दिसंबर को जारी हुआ था। उसमें शासन ने उत्तीर्ण प्रतिशत तय नहीं किया था, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा. प्रभात कुमार ने कहा था कि लिखित परीक्षा के बाद उसमें शामिल अभ्यर्थियों की संख्या को देखकर निर्णय लिया जाएगा। परिषद सचिव रूबी सिंह ने पांच जनवरी को प्रस्ताव भेजा। उस पर शासन ने मुहर लगा दी है। शासन ने 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए 45 व अन्य आरक्षित वर्ग को 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक तय किया था। लिखित परीक्षा के लिए घटाकर क्रमश: 33 व 30 फीसद किया था, जिसे कोर्ट ने नहीं माना। इसलिए रिजल्ट शासनादेश के अनुरूप जारी हुआ था।

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