68500 सहायक अध्यापक भर्ती में खाली सीटों की संख्या बढ़ी

प्रदेश के परिषदीय विद्यालय की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में खाली सीटों की संख्या बढ़ रही है। सहायक अध्यापक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण 41546 अभ्यर्थियों में से केवल 40669 ने कॉउंसलिंग के लिए आवेदन किया है। करीब 887 सफल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के लिए आवेदन ही नहीं किया है। केवल 40669 ने ही जिला वरीयता व अन्य सूचनाएं मंगलवार शाम पांच बजे तक दी हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को जिला आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद जिलों के परिषद मुख्यालय पर आवंटित अभ्यर्थियों की सूची भेज दी जाएगी।रदेश के परिषदीय स्कूलों परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में खाली सीटों की संख्या बढ़ रही है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 27 मई को लिखित परीक्षा हुई। इसमें 41556 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। कम अभ्यर्थियों के सफल होने से उस समय करीब 26944 सीटें खाली रहने की उम्मीद थी। शासन के निर्देश पर परिषद ने 21 से 28 अगस्त तक लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से ऑनलाइन जिला वरीयता व अन्य सूचनाएं मांगी, ताकि उनकी नियुक्ति की जा सके।

मंगलवार शाम पांच बजे तक सिर्फ 40669 ने ही आवेदन किया है। ऐसे में 887 सीटें और खाली हो गई हैं। साथ ही रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर 27831 हो गई है। माना जा रहा है कि एक सितंबर से होने वाली काउंसिलिंग में भी अभ्यर्थी बाहर हो सकते हैं। आवेदन की वेबसाइट बंद होने के बाद अभ्यर्थियों के गुणांक, भारांक, जिलों में उपलब्ध पद आदि के हिसाब से जिला आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह कार्य पूरा होते ही परिषद सभी जिलों को उनके यहां आवंटित अभ्यर्थियों की सूची भेजेगा और दावेदार वेबसाइट पर आवंटित जिला देख सकेंगे।

विशिष्ट व उर्दू बीटीसी अभ्यर्थियों को संशोधित आदेश का इंतजार : शिक्षक भर्ती में परिषद ने सभी वर्गो की आयु सीमा व अर्हता आदि का जिक्र वेबसाइट पर किया गया है लेकिन, इसमें विशिष्ट बीटीसी व उर्दू बीटीसी अभ्यर्थियों को आयु सीमा छूट का जिक्र नहीं है। हालांकि परिषद सचिव संजय सिन्हा ने स्पष्ट किया था कि नियमावली में उन्हें 50 वर्ष तक की छूट देने का प्रावधान है, उसका पालन होगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना आदेश जारी हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी काउंसिलिंग नहीं कराएंगे। इसलिए परिषद को स्पष्ट आदेश देना चाहिए। 16448 के समय परिषद ने संशोधित आदेश जारी किया था, तब नियुक्ति हो सकी थी।

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