हाईकोर्ट ने कहा कि 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में मामूली गलतियों को नजरंदाज कर परिणाम जारी करे संस्था

हाईकोर्ट ने 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल चार अभ्यर्थियों की मामूली गलतियों को नजरंदाज कर एक अंक देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से कहा कि याचीगण को अंक देकर उनके संशोधित परिणाम वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएं।

प्रदीप कुमार, छाया देवी, अतुल शर्मा और सुनीता देवी की अलग-अलग याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने दिया। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा और शिवेंदु ओझा ने पक्ष रखा। याचीगण का कहना था कि उन्होंने प्रश्न संख्या 40 का वही उत्तर लिखा जो उत्तरकुंजी में दिया गया है। कोर्ट ने उत्तरकुंजी और उत्तर पुस्तिका तलब कर दोनों का मिलान किया। पता चला कि याचीगण ने प्रश्न संख्या 40 का लगभग वही उत्तर दिया है, जो उत्तरकुंजी में दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि याचीगण की ओर से की गई गलती बहुत मामूली है, लगभग गलती करने जैसा नहीं है। कोर्ट ने अनिरुद्ध नारायण शुक्ल केस में हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर कहा कि बहुत मामूली गलती पर अंक नहीं काटे जाने चाहिए। याचीगण को प्रश्न संख्या 40 में एक अंक देकर संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है।

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