उपस्थिति के चक्कर में फंसा 66 शिक्षामित्रों का मानदेय

गोंडा : बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षामित्रों के मानदेय मद में शासन ने वित्त लेखाधिकारी (बेसिक) को बजट आवंटित कर दिया है। 84 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। लेकिन, यहां लेखाधिकारी ने ब्लॉकों से उपस्थिति नहीं मंगाई। इसकी वजह से मानदेय भुगतान फंसा गया है। 166 शिक्षामित्र चार माह से कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।

166 शिक्षामित्रों की नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग से है। इनको वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक से मानदेय भुगतान होता है। लेखाधिकारी ब्लॉकवार खंड शिक्षा अधिकारियों से उपस्थिति मंगाकर मानदेय खाते में भेजते हैं। लेकिन, यहां अब तक उपस्थिति नहीं मंगाई गई है। जिम्मेदार एक दूसरे को दोषी बता रहे हैं। इसका खामियाजा शिक्षामित्रों को भुगतना पड़ रहा है। मनमानी का आलम यह है कि जो शिक्षामित्र व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारों से नहीं मिलते हैं, उनका मानदेय दूसरे के खाते में भेज दिया जाता है। मनकापुर व बेलसर के दो शिक्षामित्र इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनको जुलाई से मानदेय नहीं दिया गया है। वे कार्यालय आते हैं। लेकिन, समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

परेशानी ङोल रहे शिक्षामित्र – ब्लॉकों से उपस्थिति भेजना व मंगाना बीईओ व लेखाधिकारी का काम है। शिक्षामित्र परेशान किए जाते हैं। अगस्त से रुपये नहीं मिले। अब जब बजट खाते में हैं। तब उपस्थिति न होने की बात कही जा रही है। जल्द ही शासन स्तर पर शिकायत की जाएगी। वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) मंगलेश सिंह ने बताया कि ब्लॉकों से उपस्थिति मंगाकर मानदेय भुगतान किया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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