कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत विद्यालयों के कायाकल्प को 563 करोड़ भेजे

परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प के लिए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत 563 करोड़ रुपये की धनराशि जिलों को जारी कर दी है।

कंपोजिट ग्रांट के तहत दी गई इस धनराशि से विद्यालयों की रंगाई-पुताई करायी जाएगी। विद्यालयों परिसर में हुई टूट-फूट को दुरुस्त करने के लिए मरम्मत के कार्य भी कराये जा सकेंगे। खराब या अप्रयुक्त शौचालयों को क्रियाशील कराया जा सकेगा। कंपोजिट ग्रांट की न्यूनतम 10 फीसद धनराशि स्वच्छता अभियान पर खर्च की जाएगी। विद्यालय भवन और शौचालय की दीवारों पर स्वच्छता संदेश पेंट कराया जाएगा।

कंपोजिट स्कूल ग्रांट की धनराशि के सदुपयोग की जांच के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी तो मौका मुआयना करेंगे ही, इसके लिए जिलाधिकारी के स्तर से तीन सदस्यीय जांच दल गठित कराने का भी निर्देश दिया गया है। यह जांच दल रैंडम आधार पर हर ब्लॉक के कम से कम पांच स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट की धनराशि के उपभोग, विद्यालय में कराये गए कार्यों और खरीदी गई सामग्रियों की जांच करेगा। जांच दल की रिपोर्ट समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय को भी भेजी जाएगी।

डीजीएसई के कार्य और दायित्व तय किए: शासन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा (डीजीएसई) के कार्य और दायित्व कर दिये हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन पांच निदेशालयों के पर्यवेक्षण और उनमें आपसी समन्वय के लिए शासन ने बीते दिनों महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पद सृजित किया था। इस पद पर समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद को तैनात किया गया है।

छात्र संख्या के आधार पर मिलेगी रकम: यदि किसी विद्यालय में छात्र संख्या एक से 15 तक है तो उसे कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत 12500 रुपये मिलेंगे। छात्र संख्या 16 से 100 तक है तो 25000 रुपये, 251 से 1000 तक है तो 75000 रुपये और 1000 से अधिक है तो एक लाख रुपये प्रति विद्यालय की दर से धनराशि दी जाएगी।

एनपीआरसी में फर्नीचर के लिए 65 करोड़: समग्र शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में स्थित न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों (एनपीआरसी) के कक्षा कक्षों के लिए फर्नीचर की खातिर 65.99 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हर विद्यालय के लिए 80000 रुपये की रकम भेजी गई है।