बदलेगी सूरत 50 साल पुराने राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूल

50 साल से अधिक पुराने राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों की सूरत अब बदलेगी। इन स्कूलों में ढंग से बैठने को फर्नीचर तक की व्यवस्था नहीं है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों को चमकाने जा रहा है। यहां मूलभूत सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएंगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इन स्कूलों में कौन-कौन सी अवस्थापना सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जानी हैं, इसका विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। अब यहां पर विद्यार्थियों को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। इससे करीब 150 राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेज और लगभग तीन हजार एडेड माध्यमिक स्कूलों की बदहाली दूर होगी। वहां अच्छा फर्नीचर, बेहतर बिल्डिंग, प्रयोगशाला में जरूरी उपकरण और खेलकूद इत्यादि की अच्छी व्यवस्था की जाएगी। इन स्कूलों में बेहतर सुविधाएं न होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या भी कम हो रही है। अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने के बाद यहां पर विद्यार्थी भी बढ़ेंगे और पुराना स्कूल भी चमकेगा। अभी एडेड माध्यमिक स्कूलों को मरम्मत व फर्नीचर जैसी सुविधाओं के लिए सरकार की ओर से मदद नहीं मिल पाती, इसके कारण इन स्कूलों की हालत तो और भी बदतर है।

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