प्राइमरी व जूनियर के कुल 556 बच्चों पर 32 शिक्षक तैनात

फतेहगंज पश्चिमी के कंपोजिट विद्यालय में इन दिनों अनियमितताओं का बोलबाला है। दो मंजिला इमारत में नीचे और ऊपर चार-चार कमरे हैं। नीचे प्राइमरी तो ऊपर जूनियर की कक्षाएं लगती हैं। हालात यह हैं कि प्राइमरी व जूनियर के कुल 556 बच्चों पर 32 शिक्षक तैनात हैं। इन दिनों रोजाना 50-60 से अधिक बच्चे नहीं आते हैं, ऐसे में यह सभी शिक्षक यूं ही बैठे रहकर या गपशप करके अपना टाइम पास कर रहे हैं।

फतेहगंज पश्चिमी कस्बा में कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम का मॉडल प्राइमरी स्कूल प्रथम एवं दूसरी मंजिल पर कन्या जूनियर हाई स्कूल चल रहा है। जूनियर कक्षाओं में 130 व प्राइमरी कक्षाओं में 426 बच्चे पंजीकृत थे। कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने पर विद्यालय में प्रतिदिन 50-60 बच्चे पढ़ने आ रहे हैं। दरियादिली दिखाते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यालय में 32 टीचरों की तैनाती कर रखी है। इनमें जूनियर कक्षाओं में पढ़ाने को तीन अनुदेशक समेत 09 शिक्षक तैनात कर रखे हैं। जबकि जूनियर के सिर्फ चार कक्षाओं में ही बच्चे बैठते हैं। प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने को दो शिक्षामित्र समेत 23 शिक्षक हैं। प्राइमरी के बच्चों को चार ही कमरे हैं। कमरों और टीचरों की संख्या देखें तो एक कमरे में छह टीचर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इन दिनों तो मंगलवार शुक्रवार को कक्षा चार व दो, बुधवार शनिवार को कक्षा तीन एवं सोमवार शुक्रवार को कक्षा प्रथम व पांच के बच्चे आ रहे हैं।

कई दिन बाद आता है पढ़ाने का नंबर

विद्यालय में तैनात शिक्षक जब कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हैं तब बाकी टीचर बातें करके समय काटते हैं। बच्चों ने बताया कई टीचरों का कक्षा में पढ़ाने का नम्बर कई दिन बाद आता है। स्कूल के शिक्षक भी विभाग की दरिया दिली से हैरत में हैं। शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया विद्यालय आबंटित हुआ है तो आना तो पड़ेगा। लेकिन खाली बैठना हमको खुद अच्छा नहीं लगता। बच्चों का भविष्य गढ़ना चाहते हैं, लेकिन हमें कुछ करने का मौका तो मिले। उम्मीद है अधिकारी हमें ऐसे स्कूल में तैनात करेंगे जहां टीचरों की जरूरत हो।

खंडहर बन चुकी इमारत में बच्चों को जान का खतरा

– टूट कर गिर रहा है लिंटर का प्लास्टर, चटकी हैं दीवारें

फतेहगंज पश्चिमी।

स्कूल का भवन जर्जर और खतरनाक हो चुका है। विद्यालय की खस्ताहाल बिल्डिंग की रंगाई करके उसकी हालत छिपाने की कोशिश कायाकल्प में की गई है। प्राइमरी के पांच कमरों में एक कमरे के लिंटर का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। टीचर और बच्चे इस कमरे में नहीं बैठते। टीचरों ने टूटी कुर्सियां आदि सामान रखकर इसे स्टोर रूम बना दिया है। खस्ता हाल कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय में बच्चे खौफ में पढ़ाई कर रहे हैं। कमरों की टूटी खिड़कियों से घुसकर कर बंदर मेजों पर आराम फ़रमाते हैं। दूसरी मंजिल पर स्थित जूनियर स्कूल के पांच कमरों में एक कमरा में कई जगह से लिंटर का प्लास्टर टूट कर गिर चुका है। दीवारों में दरारें हैं। जीना के नीचे से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। पढ़ाई कर रहे बच्चों का ध्यान पढ़ाई में कम और लिंटर की ओर ज्यादा रहता है। पता नहीं कब प्लास्टर टूटकर उनके ऊपर गिर जाए। ऐसा ही हाल जूनियर के बाथरूम का है।

टूटकर गिर रहा लिंटर, नीचे लग रही टाइल्स

जिम्मेदारों की लापरवाही का और भी बड़ उदाहरण दुमंजिले पर चल रही जूनियर विंग की इमारत का है। जर्जर हो चुकी इमारत का लिंटर ऊपर टूट-टूटकर गिर रहा है तो फर्श पर टाइल्स लगाने का काम चल रहा है। जूनियर स्कूल की बिल्डिंग बेहद खस्ता है। जिम्मेदार बिल्डिंग नहीं बनवा रहे हैं। पैसा खपाने को टाइल्स लगाई जा रही हैं। लोगों का कहना ऐसी टाइल्स लगाने का क्या औचित्य जब बिल्डिंग ही गिरताऊ हो। इंचार्च शिक्षिका कमलेश भारती ने बताया स्कूल में टाइल्स लगाई जा रही हैं। लिंटर गिरताऊ हालत में है। जर्जर बिल्डिंग में टाइल्स लगाने से क्या फायदा होगा। अच्छा होता नई बिल्डिंग बनने के बाद टाइल्स लगतीं।

कक्षा में आराम फ़रमाते हैं बंदर

जूनियर कक्षाओं की खिड़कियां टूटी हैं। टूटी खिड़की से बंदरों कक्षाओं में घुस कर बैंकों और टीचर के टेबिल पर आराम फ़रमाते हैं। बंदरों के बैठे होने पर शिक्षक व बच्चे कैमरे में नहीं घुसने पाते है। कोशिश करने पर बंदरों उन्हे दौड़ा देते हैं ।

दूसरे स्कूलों में टीचरों का टोटा

पूर्व माध्यमिक विद्यालय औंध में तीन क्लाश में पढ़ाने को दो टीचर हैं। इनमे एसिया परवीन 32 मार्च को सेवानिवृत्त हो जायेंगीं। कक्षा 6,7 व 8 को पढ़ाने की जिम्मेदारी राहुल यदुवंशी को निभानी होगी। प्राथमिक विद्यालय पनवड़िया में 160 बच्चे हैं। स्कूल में सिर्फ दो टीचर हैं।

विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया है। नगर पंचायत के ईओ को भी बताया है। ईओएन 15 वें वित्त की धनराशि से काम कराने को कह रहे हैं। विद्यालय में शिक्षकों की शासन से ऑनलाइन नियुक्ति हुई है।

– बबिता सिंह बीईओ, फतेहगंज पश्चिमी

पूरे विद्यालय का कायाकल्प से जीर्णोद्धार होगा। हेड मास्टर ने कार्य योजना में लिंटर की मरम्मत का काम शामिल नहीं कराया है। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि नए सिरे से कार्य योजना बनाकर कार्य कराया जाए। जहां तक शिक्षकों की तैनाती की बात है तो वह ऑनलाइन माध्यम से हुई है।
– विनय कुमार, बीएसए

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