3.74 लाख शिक्षकों को एनपीएस लाभ नही

बेसिक शिक्षा परिषद अपने 3.74 लाख शिक्षकों को नई पेंशन स्कीम (NPS) का लाभ नहीं दे पा रहा है। सरकार ने इसके लिए काफी पहले बजट जारी कर दिया था, पर ज्यादातर शिक्षकों के मामले में अभी तक कागजी प्रतिताये ही पूरी तरह से नहीं पाया गया है, बार बार रमिंडरके के बावजूद शिक्षा विभाग ने जिलास्तरीय अधिकार इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

उत्तर प्रदेश के कारण 1 58 लाख बेसिक स्कूलों में 5 लाख 58 हज़ार 232 शिक्षक पढ़ाते हैं नियमनुसार 1 अप्रैल 2005 या उसके बाद नियोजित शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना के बजाय एनपीएस का लाभ दिया जाना इस दायरे में प्रदेश में 3 लाख ७4 हज़ार है। शिक्षक आ रहा है सपा सरकार ने 1 अप्रैल 2016 से इस मद में कटौती का आदेश दे दिया था। आप को बता दे की एनपीएस में 10 फ़ीसदी राशि शिक्षकों के वेतन से कटेगी जबकि इतना ही अंश राज्य सरकार का है। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक बहुत कम शिक्षकों को ही इस स्कीम का लाभ मिला है, ज्यादातर शिक्षकों के मामले में कागजी कार्रवाई के लिए मिल गए हैं। उन्हें अब तक स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) भी आवंटित नहीं की गई है।

इस मामले में बेसिक शिक्षा परिषद के एक वित्त एव लेखाधिकारी ने नाम न छपाने पर पर के साथ बताया कि इस आदेश को लागु करने के लिए तारीख तो तय कर दी गई पर कटौती कि गणना के लिए सॉफ्टवेयर कुछ दिन पहले ही मुहैया कराया गया है। सातवे वेतन आयोग ए कि गणना के लिए दिए गए सॉफ्टवेयर में ही एनपीएस की कटौती के हिसाब किताब की व्यवस्था की गई है, चुकि प्रत्येक शिक्षक की एनपीएस के तहत कटौती की गणना अलग अलग करने की है इस के लिए यह काम सार्वजनिक तौर पर पाना संभव नहीं था इसलिए सचमे कोगेउ करने में देरी हो रही है

रूचि नहीं लेने वाले खंड शिक्षधिकारी पर होगी कार्यवाही: बेसिक शिक्षा परिषद ने वित्त नियत्रक मनिषंकर पांडेय ने बताया कि प्रत्येक शिक्षक के व्यक्तिगत हस्ताक्षर से PRAN आवंटन किया जा रहा है इसलिए स्कीम लागू होने में देरी हो रही है PRAN के लिए हर शिक्षक से फॉर्म भरबाने कि जिम्मेदारी खंड अधिकारी ने इस के बारे में कडा पात्र है लिखा गया है जो खंड विकास अधिकारी शामिल रोवाही नहीं लेगा उसके खिलाफ कार्रवाई कि जाएगी

 

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