14 सवाल डिलीट से रिजल्ट में होगा बड़ा उलटफेर

प्रयागराज : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 के रिजल्ट का मामला फिर सतह पर आ गया है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जिस तरह से इस मामले का संज्ञान लिया है उससे पिछली परीक्षा का परिणाम बदलने और आगामी शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा प्रभावित होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस मामले में सरकार क्या रुख अपनाती है, यह सबसे अहम होगा।

टीईटी 2017 का परिणाम पिछले वर्ष दिसंबर माह में ही आया था। परीक्षा में पूछे गए 16 प्रश्नों के जवाब को लेकर कोर्ट में लंबे समय तक बहस चली, छह मार्च को कोर्ट ने 14 सवाल डिलीट करके परिणाम देने का निर्देश दिया था। उस समय सरकार ने 12 मार्च को होने वाली शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा टाल दी थी लेकिन, प्रश्न डिलीट नहीं किए गए, बल्कि सिंगल बेंच के आदेश को डबल बेंच में चुनौती दी गई। डबल बेंच ने इस मामले में विशेषज्ञ समिति बनाकर सभी 16 सवालों का नए सिरे से परीक्षण कराया। समिति ने परीक्षा संस्था की ओर से दिए गए 13 सवालों के जवाब को सही माना, जबकि तीन सवालों पर सभी को समान अंक देने का निर्देश दिया। इसी आधार पर संशोधित परिणाम जारी करने के बाद सफल होने वाले अभ्यर्थियों से नए सिरे से लिखित परीक्षा के लिए आवेदन लिए गए और इम्तिहान 27 मई को कराया गया। शीर्ष कोर्ट ने 26 अक्टूबर को डबल बेंच के आदेश को खारिज करके प्रकरण वापस लौटा दिया है। ऐसे में 14 सवाल डिलीट होने वाला आदेश फिर प्रभावी हो गया है। लखनऊ खंडपीठ ने इस मामले में कहा है कि डबल बेंच में अभ्यर्थियों को पक्षकार नहीं बनाया गया। इस पर अफसरों का कहना है कि डबल बेंच ने प्रश्नों की जांच के लिए खुद विशेषज्ञ समिति बनाई थी और उसी की रिपोर्ट पर निर्णय हुआ, इसमें परीक्षा संस्था या फिर महकमे की कोई भूमिका ही नहीं थी। यदि परीक्षा संस्था की दलील पर ही निर्णय होता तो पक्षकार बनाने का मामला प्रभावी रहता।

यही नहीं अधिकांश अभ्यर्थी भी छह मार्च के आदेश में संशोधन चाहते हैं, उनका कहना है कि कोर्ट ने जिन 14 प्रश्नों को डिलीट करने को कहा है, उसकी जगह पर इन प्रश्नों में समान अंक दिया जाए। ज्ञात हो कि प्रश्न डिलीट होने से परिणाम में बड़ा उलटफेर हो जाएगा, कई शिक्षक पद पर चयनित हो चुके अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे। अब दो जनवरी को सरकार अपना पक्ष कोर्ट में रखेगी, उस दिन होने वाले निर्णय पर छह जनवरी की लिखित परीक्षा का भविष्य तय होगा।

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