13 शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त

सीतापुर: 16448 सहायक शिक्षकों की भर्ती में नियमों की अनदेखी कर 13 शिक्षक को नियुक्ति देने के मामले में आखिरकार कार्रवाई का हिसाब किताब चल ही गया है। अवैध भर्ती का बोझ हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद हरकत में आए अफसरों ने आनन फानन में पदों को रद्द कर दिया। कार्रवाई के बावजूद खेदजनक यह है कि इस मामले में लापरवाही करने वाले बड़े अफसरों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। पदों में खेल का खुलासा दैनिक जागरण ने ही किया था।

सितंबर 2016 में 16 जून 2016 तक बीटीसी, उर्दू बीटीसी और एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त D.ed (विशेष शिक्षा) और BLED पास उम्मीदवारों की काउंसलिंग कराकर नियुक्ति के निर्देश जारी किए गए थे। शासनादेश के विरुद्ध डीएड डिग्री धारकों ने उच्च न्यायालय में रिट दाखिल की थी। इस पर D.ed उम्मीदवारों की काउंसिलिंग कराकर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों के पद सुरक्षित करते हुए नियुक्ति पत्र न जारी करने के आदेश विभाग को दिए गए थे। इसके विपरीत तत्कालीन विभागीय अफसरों ने न केवल नियुक्ति पत्र जारी किए वरन शिक्षकों को स्कूल भी आवंटित कर दिया। इस पूरे मामले का खुलासा दैनिक जागरण ने किया तो जांच के निर्देश दे दिए गए।

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इसमें नियुक्ति पत्र गलत ढंग से जारी होने की बात पकड़ी गई। इसी के आधार पर 13 शिक्षकों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया है। यही नहीं, BSA को निर्देशित किया गया है कि निरस्तीकरण की कार्रवाई के बारे में चयन समिति और उच्चाधिकारियों को भी सूचित करें। बीएसए अजय कुमार ने नियुक्तियां निरस्त होने की पुष्टि की है। दैनिक जागरण ने किया था भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा चयन समिति के निर्देश के बाद बीएसए ने की कार्रवाई