हाईकोर्ट ने 12460 सहायक शिक्षकों का चयन भी रद्द किया

  

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शासनकाल में 21 दिसंबर, 2016 को बोर्ड आफ बेसिक एजूकेशन द्वारा किए गए 12460 सहायक बेसिक शिक्षकों के चयन को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रद कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये भर्तियां यूपी बेसिक एजूकेशन टीचर्स सर्विस रूल्स 1981 के नियमों के तहत नए सिरे से काउसिंलिग कराकर पूरी की जाए। इस चयन प्रकिया के लिए वही नियम लागू किए जाएंगे जो इनकी प्रकिया प्रारंभ करते समय बनाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि इस चयन प्रकिया को तीन माह के भीतर पूरी की जाए। यह आदेश जस्टिस इरशाद अली की बेंच ने दो दर्जन से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया।

इन याचिकाओं में 26 दिसंबर, 2012 के उस नोटिफिकेशन को रद करने की मांग की गई थी जिसके तहत उन जिलों जहां कोई रिक्ति नहीं थी, के अभ्यर्थियों को काउसिंलिंग के लिए किसी भी जिले को प्रथम वरीयता के लिए चुनने की छूट दी गई थी। याचियों की ओर से वरिष्ठ वकील जेएन माथुर की दलील थी कि यह बदलाव भर्ती प्रकिया प्रारंभ होने के बाद किए गए थे जबकि नियमानुसार एक बार भर्ती प्रकिया प्रारंभ हो गई तो उसे बीच में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। ध्यान रहे, कोर्ट ने 19 अप्रैल, 2018 को एक अंतरिम आदेश जारी कर पहले ही सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी थी।

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