डेढ़ लाख सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई डिजिटल बोर्ड के जरिये होगी

नई दिल्ली: अगले तीन साल तीन महीने में देश के तकरीबन डेढ़ लाख सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई डिजिटल बोर्ड के जरिये होगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके पहले चरण की योजना तैयार कर ली है। इन डिजिटल बोर्ड के लिए ई-कंटेट केंद्रीय स्तर पर और राज्यों के स्तर पर तैयार किए जाएंगे। मालूम हो, पिछले साल आम बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने डिजिटल बोर्ड को अपनाने का ऐलान किया था।

ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड के लिए वर्ष 2020 से 2027 तक का समय तय किया गया है। इसमें पहला चरण 2020 से 2023 तक चलेगा। एचआरडी मंत्रालय ने इस पहले चरण की योजना तैयार कर ली है और इसे मंजूरी के लिए व्यय वित्त समिति के पास भेजा गया है। इसमें 1,01,967 राज्य सरकारों के स्कूल, 42,917 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और 1,704 केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालयों को शामिल किया गया है। सभी स्कूलों में दो-दो डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे और यह काम मार्च 2023 से पहले पूरा किए जाने का लक्ष्य बनाया गया है। योजना के मुताबिक प्रत्येक स्कूल को 2.40 लाख रुपये एक मुश्त खर्च के लिए दिए जाएंगे, जबकि तीन लाख रुपये पांच साल तक के अन्य खर्चों के लिए दिए जाएंगे। इन डिजिटल बोर्ड के संचालन के लिए केंद्रीय स्तर पर एनसीईआरटी में सेंट्रल कमांड यूनिट बनाई जाएगी। वहीं, राज्यों को एनसीईआरटी में सेंट्रल कमांड यूनिट स्थापित करने होंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आला अधिकारी ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि यह पहला चरण है। दूसरे चरण में हम डिजिटल बोर्ड वाले स्कूलों की संख्या दोगुनी कर लेंगे। अधिकारी ने कहा कि यदि आने वाले समय में डिजिटल बोर्ड की कीमत में कमी दिखती है तो इसकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

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