मूल्यांकन का मापदंड तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा के मूल्यांकन का मापदंड तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी में शिक्षा मंत्रलय से लेकर यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक कमेटी 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा। 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद करने के फैसले के बाद ही बोर्ड ने स्पष्ट किया था मूल्यांकन के मापदंड तैयार करने के लिए दो हफ्ते का समय लगेगा। सीबीएसई अधिकारियों के मुताबिक बोर्ड से संबंधित स्कूलों में को¨डग विषय को छठी से आठवीं तक में 12 घंटे के स्किल माड्यूल के तौर पर शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों की तार्किक क्षमता बढ़ेगी और वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में जान सकेंगे।

एनआइओएस ने भी रद की परीक्षा: सीबीएसई के बाद अब शिक्षा मंत्रलय से जुड़े राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) ने भी 12वीं की परीक्षा को रद कर दिया है।

सीबीएसई मौजूदा सत्र से शुरू करेगा डाटा साइंस व कोडिंग
जासं, नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सत्र 2021 से स्कूलों में को¨डग और डाटा साइंस के कोर्स शुरू करने जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी घोषणा की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन दोनों नए कोर्स का मकसद बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ाना है। नई शिक्षा नीति के तहत ये वादा किया गया था कि स्कूली पाठ्यक्रम में डाटा साइंस और को¨डग विषय को पढ़ाया जाएगा।