पांच दिन में शिक्षक बनने को 47 हजार से अधिक दावेदार

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक बनने को प्रतियोगियों के बीच कड़ा मुकाबला होगा। इसका अंदाजा लिखित परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदनों से ही लगाया जा सकता है। महज पांच दिनों में ही 47 हजार 598 अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिया है। यह संख्या अभी और बढ़ना तय है, क्योंकि आवेदन करने के लिए एक सप्ताह से अधिक का समय शेष है।

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परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए पहली बार लिखित परीक्षा मार्च में होनी है। 68500 शिक्षकों की भर्ती के लिए बीते 25 जनवरी अपरान्ह से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। इसमें वही अभ्यर्थी दावेदारी कर सकते हैं, जो टीईटी उत्तीर्ण और प्रशिक्षित हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उप्र के अनुसार 29 जनवरी की शाम तक 47 हजार 598 पंजीकरण व आवेदन हो चुके हैं। यह प्रक्रिया अभी नौ फरवरी तक चलनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि डेढ़ लाख से अधिक दावेदार होंगे। ज्ञात हो कि पंजीकरण की अंतिम तारीख पांच फरवरी व ऑनलाइन आवेदन नौ फरवरी को शाम छह बजे तक स्वीकार होंगे।

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योगी सरकार की पहली सबसे बड़ी भर्ती सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है। कोर्ट ने 25 जुलाई को शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बनने वालों का समायोजन निरस्त कर दिया था और सरकार को निर्देश दिया कि इन अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो अवसर मुहैया कराए जाएं। ऐसे में सरकार ने टीईटी कराने के बाद पहली भर्ती की दिशा में बढ़ चली है।

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प्रशिक्षित अप्रेंटिस को मिला लखनऊ और रामपुर का समर्थन

राजकीय मुद्रणालय में रिक्त पदों पर समायोजन की मांग कर रहे प्रशिक्षित अप्रेंटिस को लखनऊ से भी आए हुए साथियों का समर्थन मिला। मंगलवार को लखनऊ से कई लोगों ने आकर अप्रेंटिस संघर्ष समिति के बेमियादी अनशन में भागीदारी की। बताया कि दो-तीन दिनों में रामपुर से भी कई प्रशिक्षित अप्रेंटिस आकर इसमें शामिल होंगे। मुद्रणालय गेट पर काफी दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे लोगों ने लखनऊ और रामपुर से भी समर्थन मिलने पर मजबूती का अनुभव किया। मंगलवार को क्रमिक अनशन की अध्यक्षता ओम प्रकाश गौड़ ने की, जबकि महामंत्री रामजी यादव, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता आदि ने कहा कि राजकीय मुद्रणालय के निदेशक ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।Assistant Teacher in parishadiya school

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