हाईकोर्ट के दखल पर 18 नवंबर को प्रस्तावित टीईटी परीक्षा में कई अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे

18 नवंबर को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी 2018) में कई अभ्यर्थी हाईकोर्ट के दखल पर सम्मिलित होंगे। हाईकोर्ट ने उन अभ्यर्थियों को राहत दी है जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया था लेकिन तकनीकी कारणों से फीस परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के खाते में जमा नहीं हो सकी थी। लिहाजा इन्हें प्रवेश पत्र जारी नहीं हुआ।

इस पर मधु लता सिंह और 14 अन्य आवेदकों ने हाईकोर्ट में याचिका कर परीक्षा में सम्मिलित करवाने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने एक नवंबर को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित करवाने का आदेश दिया हैं। हालांकि इनका परिणाम याचिका के फैसले पर निर्भर करेगा।

गौरतलब है कि टीईटी-18 के लिए अंतिम तिथि तक 22,77,559 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन इनमें से 18,27,851 की ही फीस जमा हुई थी। फीस जमा नहीं होने के कारण तकरीबन 4.5 लाख पंजीकरण अमान्य हो गये थे। इनमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऐसे हैं जो सर्वर डाउन होने के कारण फीस जमा नहीं कर सके। ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिनके खाते से तो फीस के रुपये कट गये लेकिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के खाते में जमा नहीं हुए। जिसके कारण भी उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।

आपत्ति नहीं दे सके शिक्षक भर्ती के आवेदक: परिषदीय स्कूलों में 68500 शिक्षक भर्ती के आवेदक परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में सोमवार को अपनी आपत्ति नहीं दे सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि अनिरुद्ध नारायण शुक्ल एवं 118 अन्य एवं शिखा यादव व 38 अन्य के मामले में अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेश की मूल कॉपी की फोटो स्टेट लगाकर जमा करना था। लेकिन सचिव ने फोटो स्टेट स्वीकार न करके कोर्ट के आदेश की मूल कॉपी लगाने को कहा है।

फोटोयुक्त नामावली एवं निर्देश केंद्रों को भेजी: 18 नवंबर को प्रस्तावित टीईटी-18 के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से परीक्षा केंद्रों को अभ्यर्थियों की फोटोयुक्त नामावली एवं परीक्षा से जुड़े निर्देश भेज दिए गए हैं। प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 2070 जबकि उच्च प्राथमिक के 1051 केंद्र बनाये गये हैं।

प्रवेश पत्र के लिए सोमवार छात्रों ने किया प्रदर्शन: टीईटी-18 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने प्रवेश पत्र के लिए सोमवार को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एलनगंज पर प्रदर्शन किया। अनूप सिंह, विशाल प्रताप, आशीष त्रिपाठी, मनबोध, रवीन्द्र एवं श्रवण आदि अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके खाते से फीस कटने के बावजूद प्रवेश पत्र जारी नहीं हुआ है। इसके चलते योग्य अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। वहीं सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि इन अभ्यर्थियों के रजिस्ट्रेशन संख्या को चेक किया गया तो आवेदन ही नहीं हुआ है। साइबर कैफे संचालकों की गलती के कारण ऐसा हुआ है।

निदेशालय पर छात्रों का आमरण अनशन आज से: उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 46 के तीन विषयों की काउंसिलिंग न होने से आक्रोशित प्रतियोगी छात्र मंगलवार से शिक्षा निदेशालय पर आमरण अनशन करेंगे। छात्रों ने बताया कि विज्ञापन 46 के चयनित छात्रों में से 41 विषयों के छात्रों की काउंसिलिंग ऑफलाइन हो चुकी है। जबकि रसायन, भौतिकी व प्राणि विज्ञान के छात्रों की कांउसिलिंग ऑनलाइन कराये जाने के नाम पर रोक दी गई है। आमरण अनशन की जानकारी उच्च शिक्षा प्रतियोगी छात्र मंच चंद्रेश पांडेय, समरजीत सिंह ने दी। News Source – livehindustanOn the intervention of the High Court several candidates will be included

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.