टीईटी 2018 में नकल कराने वाले तीन साल्वरों को धूमनगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया

18 नवंबर को होने जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2018 में नकल कराने वाले तीन साल्वरों समेत चार आरोपियों को धूमनगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नकल माफियाओं का गैंग टीईटी की सेंधमारी के लिए सक्रिय था। इनके पास से लैपटॉप समेत काफी सामान भी बरामद हुआ है। इनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

करीब दो साल से परीक्षाओं में सेंधमारी कर नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा होता रहा है। एसटीएफ, क्राइम ब्रांच नकल माफियाओं को राडार पर ले रखा था। रविवार को टीईटी के लिए भी एसटीएफ सक्रिय थी। इस बीच राजरूपपुर पुलिस चौकी प्रभारी श्रवण कुमार निगम को जानकारी मिली कि क्षेत्र में साठ फीट रोड स्थित शिव साइबर कैफे में कुछ संदिग्ध लोग इकट्ठा हैं।

चार को पकड़ा, पूछताछ में खुला राज : चौकी प्रभारी ने दरोगा अनिल भगत, सिपाही पुष्पेंद्र सिंह, मनीष सिंह व रमेश के साथ साइबर कैफे में दबिश दी तो अंदर मौजूद संदिग्ध भागने लगे। पुलिस ने कुछ दूर दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार चारों से पूछताछ में खुला कि वह टीईटी में सेंधमारी करने वाले थे।

डायरी में एक अभ्यर्थी से 10-12 लाख के रेट : पुलिस ने साइबर कैफे व जहां आरोपी रुके थे वहां दबिश दी। उनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल, सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, प्रवेश पत्र व आईडी, प्रिंटर, स्कैनर आदि हुए। आरोपियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र स्कैन किए थे।

पंकज सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह (साल्वर) निवासी चकनारा चौकी नारा मंझनपुर, कौशाम्बी.
अमरजीत पुत्र चंदीदीन सिंह (साल्वर) निवासी चकनारा चौकी नारा मंझनपुर, कौशाम्बी.
जगजीवन यादव पुत्र बलराम सिंह (साल्वर) निवासी चकनारा चौकी नारा मंझनपुर, कौशाम्बी.
कुलदीप सिंह पुत्र राम प्रताप सिंह (कैफे संचालक) निवासी नरसिंहपुर धाता, फतेहपुर 

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